उल्लेखनीय है कि वर्ष 2003 में तत्कालीन मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल की सरकार के दौरान इस हाईवे की अधिसूचना केंद्र सरकार ने की थी। सामरिक महत्व वाले इस नेशनल हाईवे का कार्य हमीरपुर के तहत ग्राम पंचायत कोट तक पूर्ण हो चुका है।
कांग्रेस प्रवक्ता प्रेम कौशल ने कहा कि अटारी बॉर्डर से मंडी जिला तक नेशनल हाईवे की अधिसूचना वर्ष 2003 में हुई थी। इस 265 किलोमीटर लंबे नेशनल हाईवे का अधिकांश काम पूरा हो चुका है। लेकिन रविवार को केंद्रीय मंत्री ने करीब 16 वर्ष पुराने इस मार्ग का दोबारा से शिलान्यास कर जनता की भावनाओं से खिलवाड़ किया है।