...यह देहलां गांव (ऊना, हिमाचल प्रदेश) है। सांसद अनुराग ठाकुर की ओर से गोद लिया गया आदर्श गांव। यहां के लोगों ने पिछले करीब पांच साल से टेलीफोन के दर्शन नहीं किए। न ही किसी के घर में लैंडलाइन फोन की घंटी बजी है। मैहतपुर के साथ लगते पांच गांवों के करीब छह सौ से ज्यादा बीएसएनएल उपभोक्ता पिछले पांच साल से लैंडलाइन फोन की घंटी सुनने को तरस गए हैं।
इन गांवों में हमीरपुर संसदीय हलके का देहलां गांव भी शामिल है। इसे सांसद अनुराग ठाकुर ने आदर्श गांव के रूप में गोद ले रखा है। जिन पांच पंचायतों में करीब पांच साल से लैंडलाइन टेलीफोन सुविधा ठप है, उनमें देहलां के साथ चढ़तगढ़, भड़ोलियां, बहड़ाला तथा जखेड़ा गांव का कुछ हिस्सा शामिल है।
बीएसएनएल के ये हाल
हैरत की बात है कि भारत संचार निगम ने पिछले पांच साल में अपने इन उपभोक्ताओं को निगम के साथ जोड़े रखने के लिए उन्हें विकल्प के तौर पर कोई सुविधा मुहैया नहीं करवाई है। टेलीफोन ठप होने से उपरोक्त पंचायतों में निगम की ब्रॉडबैंड सुविधा भी नहीं मिल रही है।
उधर, बीएसएनएल के महाप्रबंधक अजीत कुमार का कहना है कि सड़क निर्माण के वक्त मेनलाइन कटने से यह समस्या पैदा हुई है। उपभोक्ताओं की वैकल्पिक सुविधा पर विचार चल रहा है, लेकिन इस दिशा में तत्काल राहत से इनकार किया है।
सड़क निर्माण के वक्त क्षतिग्रस्त हुई लाइनें आज तक ठीक नहीं की
पंचायत प्रधान देहलां रमा टिकड़ा, चढ़तगढ़ के प्रधान गणेश दत्त, भड़ोलिया कलां की प्रधान किरण कुमारी, बहड़ाला की प्रधान सोनिया राणा के अनुसार उनकी पंचायतों में ठप लैंडलाइन सुविधा बहाल नहीं हो पाई है। इस कारण पंचायत के कार्यों के लिए अन्य कंपनियों के इंटरनेट का सहारा लेना पड़ रहा है।
भारत संचार निगम के उपभोक्ता नरेश कुमार, गुलजारी लाल, राम, सुरेश किरण, शीला, पूनम, मनोज, निर्मल का कहना है कि पांच साल पूर्व सड़क निर्माण के वक्त क्षतिग्रस्त हुई लाइनों को आज तक दुरुस्त नहीं किया जाना बीएएसएनएल की कारगुजारी पर सवालिया निशान लगाता है। इस कारण अन्य संचार कंपनियां चांदी कूट रही हैं। हालांकि, इस समस्या को सांसद अनुराग ठाकुर के समक्ष उठाने की बात भी कही जा रही है।