प्रदेश भाजपा मुख्यालय चक्कर में बुधवार को डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 121वीं जयंती मनाई गई। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के योगदान को भाजपा का कोई भी कार्यकर्ता कभी नहीं भूल सकता। उनका जीवन इतिहास हमारे राजनीतिक दल का आधार है। कहा कि हम सभी जानते हैं कि 6 जुलाई, 1901 को देशभक्त, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के प्रवर्तक और शिक्षाविद दिवंगत डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जन्म हुआ था। पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के विचारों से अलग होकर उन्होंने इस्तीफा दे दिया और भारतीय जनसंघ की स्थापना की। डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने नारा दिया कि एक देश में दो निशान, दो विधान, दो प्रधान से काम नहीं चलेगा। 11 मई को जम्मू-कश्मीर में बिना परमिट के सत्याग्रह किया गया।
उन्हें 11 मई को गिरफ्तार किया गया था और 23 जून की सुबह श्रीनगर की एक जेल में रहस्यमय तरीके से उनकी मौत हो गई थी। कहा कि भारतीय जनसंघ की स्थापना का कारण नेहरू की तुष्टीकरण की नीति थी। मुखर्जी ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 लगाना देश के लिए घातक है। मुझे खुशी है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के नेतृत्व में जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाया गया। मुख्यमंत्री ने भाजपा शिमला मंडल की ओर से खलीनी में आयोजित पौधारोपण कार्यक्रम में भी भाग लिया। शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्धाज ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के उच्च आदर्श, विचार और लोगों के प्रति सेवा भावना हमें निरंतर प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने खलीनी में आयोजित शोकसभा में दिवंगत राकेश बबली को भी श्रद्धांजलि दी।