पुलिस के साथ मौके पर पहुंची नगर निगम की टीम
बारिश से काम में आई रुकावट, कल होगा मंजिल तोड़ने का काम
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के संजौली के इंजनघर वार्ड में बिना नक्शा स्वीकृत किए बने दो मंजिला भवन को गिराने का काम सोमवार को शुरू हो गया। नगर निगम की टीम पुलिस के साथ पूर्वाहन 11:30 बजे मौके पर पहुंची और भवन की छत को हथोड़े से तोड़ना शुरू किया।
हालांकि दोपहर में मौसम की वजह से काम में थोड़ी बाधा आई, लेकिन टीम ने मुस्तैदी से कार्रवाई जारी रखी। पहले दिन भवन की छत उखाड़ी गई है। नगर निगम के अनुसार, आने वाले दिनों में अन्य मंजिलों को गिराने का काम जारी रहेगा।
नगर निगम की कार्रवाई वास्तुकार राजेश शर्मा के नेतृत्व में की गई। टीम ने सबसे पहले पुलिस थाने का रुख किया और वहां से पुलिस के साथ अवैध निर्माण स्थल पर पहुंची। मकान मालिक भी इस दौरान मौके पर मौजूद रहे। कार्रवाई के दौरान मकान की छत से एक-एक कर चादरें हटाई जा रही थीं, तभी एक महिला कर्मचारी से काम रोकने की गुहार लगाती नजर आई। महिला ने कहा कि ‘सर, रहने दीजिए, आज काम रोक दें।’ लेकिन नगर निगम कर्मियों ने कोर्ट के आदेशों के तहत कार्रवाई जारी रखी।
नगर निगम ने पहले ही मकान मालिक को कई नोटिस जारी किए थे, लेकिन अवैध निर्माण नहीं हटाया गया। इसके कारण तोड़फोड़ की कार्रवाई करनी पड़ी। टीम ने मौके पर घरवालों से स्टे ऑर्डर के बारे में पूछा, लेकिन वह प्रस्तुत नहीं कर पाए। सूत्रों के अनुसार, स्टे ऑर्डर के लिए परिवार कोर्ट जा चुका है और मामले की अगली सुनवाई बुधवार को तय है।
बिजली कट न होने से नीचे की मंजिल नहीं टूटी
छत तोड़ने के बाद नीचे की दो अवैध मंजिलों को गिराना शेष है। बिजली काटी न होने के कारण करंट लगने का भय बना रहा और काम शुरू नहीं हो पाया। नगर निगम का कहना है कि अगर स्टे ऑर्डर नहीं मिलता, तो अगले 8 से 10 दिनों में नीचे की मंजिलों को भी गिरा दिया जाएगा। अभी लेंटर, दीवारें और कॉलम तोड़े जाने हैं, इसलिए काम में समय लगेगा।
नगर निगम किसी भी अवैध निर्माण को बर्दाश्त नहीं करेगा, चाहे वह किसी का भी हो। यह कार्रवाई पूरी तरह नियमानुसार की गई है। हमने पहले भी संबंधित पक्ष को पर्याप्त समय दिया था। किसी को भी कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।
-भूपेंद्र अत्री, नगर निगम आयुक्त शिमला