250 करोड़ रुपये से ज्यादा के बहुचर्चित छात्रवृत्ति घोटाले में गिरफ्तार तीन आरोपियों को बुधवार को केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई ने सीजेएम कोर्ट शिमला में पेश किया। कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दस जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा है। अब दस जनवरी को जांच एजेंसी तीनों आरोपियों को शिमला की विशेष अदालत में पेश करेगी।
छात्रवृत्ति घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने शुक्रवार को शिक्षा विभाग के तत्कालीन अधीक्षक अरविंद राजटा, केसी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन के वाइस चेयरमैन हितेश गांधी और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के तत्कालीन हेड कैशियर एसपी सिंह को गिरफ्तार किया था। सूत्रों का कहना है कि तीन दिन की रिमांड के दौरान जांच अधिकारियों ने तीनों आरोपियों से कई घंटे लंबी पूछताछ की।
पूछताछ के दौरान अधीक्षक अरविंद राजटा ने शुरुआती पूछताछ में बयान दिया था कि वह सिर्फ प्यादा है और उसने सिर्फ आला अधिकारियों के निर्देशों का पालन किया था। इसके बाद जांच अधिकारियों के निशाने पर शिक्षा विभाग के कई वर्तमान व पूर्व अधिकारी भी आ गए थे। इसके अलावा जुटाए गए साक्ष्यों पर अन्य दोनों आरोपियों से भी पूछताछ कर बयान दर्ज किए गए। माना जा रहा है कि सीबीआई जल्द ही कुछ और गिरफ्तारियां कर सकती है।