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बिजली कानून 2003 में संशोधन के खिलाफ कुमार हाउस में गरजे कर्मचारी

Wed, 08 Jan 2020 04:41 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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हिमाचल प्रदेश राज्य बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन के कर्मचारियों और अभियंताओं ने बुधवार को प्रदेश के सभी मंडल व वृत्त स्तर पर बिजली कानून 2003 में संशोधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं की राष्ट्रीय समन्वय समिति के राष्ट्रव्यापी आह्वान के तहत हिमाचल में प्रदर्शन किए गए। बिजली बोर्ड मुख्यालय कुमार हाउस शिमला में सैकड़ों कर्मचारियों ने बर्फबारी के बीच धरना प्रदर्शन कर प्रस्तावित संशोधनों का विरोध किया।

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यूनियन के महासचिव हीरालाल वर्मा तथा राज्य पदाधिकारी देवेंद्र शर्मा, रोशन लाल, ज्ञान चंद, ओपी जस्टा, चंपा शर्मा, मनोज शर्मा व विरेंद्र कंवर ने कर्मचारियों को संबोधित किया। यूनियन के महासचिव हीरालाल वर्मा ने बताया कि बिजली कानून 2003 में जो संशोधन वर्ष 2014 से संसद में लंबित थे, को अब केंद्र सरकार अध्यादेश के माध्यम से कानून बनाने की तैयारी में है।

इन संशोधनों के बारे पहले ही अधिकतर राज्य सरकारें जिसमें हिमाचल प्रदेश भी शामिल है, केंद्र सरकार को अपनी असहमति भेज चुकी है और पूरे देश में बिजली कर्मचारी एवं अभियंता भी इसके खिलाफ  आंदोलनरत है। उन्होंने कहा कि इसके पारित हो जाने से बिजली वितरण में कार्य कर रही कंपनियों को दो या इससे अधिक कंपनियाें में बांटना अनिवार्य होगा।
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बिजली वितरण के मुनाफे वाले क्षेत्रों को निजी हाथों में देने का रास्ता प्रशस्त हो जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली कानून 2003 में संशोधनों को ऊर्जा क्षेत्र में निजी क्षेत्र की भागीदारी के उद्देश्य से लाया जा रहा है। इससे सरकारी बिजली वितरण कंपनियां तहस नहस हो जाएंगी। इस कानून के पारित हो जाने से सबसे अधिक खामियाजा हिमाचल जैसे भौगोलिक परिस्थिति वाले राज्यों की जनता को भुगतना पडे़गा।

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