मतियाना में चार मंजिला भवन ढहा
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राष्ट्रीय राजमार्ग-5 पर सोमवार को हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ठियोग में मतियाना के समीप कंक्रीट से बना चार मंजिला भवन धराशायी हो गया। इसकी जद में आने से चार मजदूर घायल हो गए हैं। लाखो रुपये की लागत से बने अमी चंद चंदेल के कंक्रीट के भवन में स्थानीय आढ़ती सेब स्टोर करने के लिए इस्तेमाल कर रहा था। हादसे के समय लगभग दो से तीन हजार सेब की पेटियां भी भवन में रखी थीं। दुर्घटना दोपहर करीब 11 बजे हुई। उस समय भवन में मजदूर सेब स्टोर करने के लिए काम कर रहे थे। भवन गिरने से पहले जमीन खिसकने और कंक्रीट चटखने की आवाजें आने लगी तो मजदूरों ने खतरे को भांपते हुए विभिन्न मंजिलों से कूदकर जान बचाई।
हादसे में परमजीत सिंह (30) पुत्र अमर सिंह गांव मितियां तहसील नालागढ़, हरदयाल सिंह (47) पुत्र नारटा राम नालागढ़, राकेश कुमार (28) पुत्र मदनलाल नालागढ़, बुध राम (63) पुत्र तुलसीराम निवासी नालागढ़ शामिल हैं। इन्हें सिविल अस्पताल ठियोग में प्राथमिक उपचार के बाद आईजीएमसी शिमला रेफर कर दिया गया है। स्थानीय पुलिस, अग्निशामक दल और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर जाकर राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय लोगों के अनुसार धराशायी हुए भवन में सेब की लगभग तीन हजार पेटियां रखी गई थीं। बीती रात को भी कुछ ट्रकों में सेब की पेटियां भेजी गई थीं। बागवान अमीचंद चंदेल के 30 से 40 सेब पौधे भी भवन के मलबे में दब गए हैं।
प्रशासन भवन मालिक, आढ़ती और अन्य लोगों के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट बना रहा है। उधर, भवन गिरने की सूचना मिलते ही ठियोग के विधायक राकेश सिंघा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने सरकार से प्रभावित लोगों के लिए मुआवजे की मांग की है। उन्होंने एनएचएआई से पानी निचली तरफ बहने से रोकने के लिए नालियों को दुरुस्त करने का आग्रह किया है। दूसरी ओर सिविल अस्पताल में घायलों के लिए राहत बचाव कार्यों का जायजा लेने के लिए एसडीएम सौरभ जस्सल अस्पताल में मौजूद रहे।