शिमला में उच्च शिक्षा निदेशालय के बाहर अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन करते एबीवीपी कार्यकर्ता।
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हिमाचल प्रदेश के कॉलेजों में प्रवेश के लिए स्पोर्ट्स एंड कल्चरल कोटा खत्म करने के विरोध में एबीवीपी भड़क गई है। छात्र संगठन ने वीरवार को शिक्षा निदेशालय का घेराव किया। शिक्षा निदेशक और प्रदेश सरकार से स्पोर्ट्स और कल्चरल कोटा बहाल करने की मांग की गई। चेतावनी दी कि तीन दिन के भीतर कोटा बहाल नहीं किया गया तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा। कहा कि निदेशक को कार्यालय में प्रवेश करने नहीं दिया जाएगा। प्रांत मंत्री विशाल वर्मा की अगुवाई में एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने शिक्षा निदेशक और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
विशाल ने कहा कि कॉलेजों में 26 जुलाई से प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है, लेकिन अभी तक विभाग और सरकार ने स्पोर्ट्स और कल्चरल कोटा बहाल करने पर फैसला नहीं ले पाए हैं। सरकार खेलों को बढ़ावा देने के बजाय कोटा समाप्त कर खिलाड़ियों का मनोबल गिराने का काम कर रही है। सरकार का फैसला खेल, छात्र और युवा विरोधी है।
विशाल ने कहा कि उच्च शिक्षा निदेशक विद्यार्थियों के हितों की रक्षा के लिए कुर्सी पर बैठे हैं, लेकिन उनके पर समस्याएं सुनने का समय नहीं है। विशाल ने तीन दिन में कोटा बहाल करने का समय दिया है। फैसला वापस न लेने पर प्रदेश भर में उग्र आंदोलन की चेतावनी भी दी है।
ऑफलाइन भी हों कॉलेजों में दाखिले
एबीवीपी के प्रांत मंत्री विशाल ने कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए कॉलेजों में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन के साथ ऑफलाइन दाखिले करने की भी व्यवस्था करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बरसात के कारण बंद हुईं सड़कों और ऑनलाइन सिस्टम में पेश आ रहीं दिक्कतों को देखते हुए ऑफलाइन प्रवेश प्रक्रिया भी पहले की तरह चलाई जाए।