सरकार को दो टूक, नीति लागू की तो पूरे प्रदेश में छेड़ देंगे आंदोलन
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बोले, सरकार खत्म कर रही है सरकारी नौकरियां
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने प्रदेश सरकार, छात्र और युवा विरोधी नीतियों तथा विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ मंगलवार को विवि परिसर में प्रदर्शन किया।
एबीवीपी ने प्रदेश सरकार पर तानाशाही करने और युवाओं की समस्याओं को नजरअंदाज करने का आरोप लगाया। परिषद नेताओं ने शिक्षा की गिरती गुणवत्ता, बढ़ती बेरोजगारी की समस्या को हल करने की सरकार से मांग की। एबीवीपी ने सरकार की गेस्ट टीचर पॉलिसी का विरोध किया। उन्होंने कहा कि गेस्ट टीचर पॉलिसी शिक्षित बेरोजगारों के साथ धोखा होगा। युवा स्थायी रोजगार के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं और शिक्षक बनने के लिए दिनरात मेहनत कर रहे है। उन्होंने सरकार से इस युवा और छात्र विरोधी नीति को तुरंत वापस लेने की मांग की। कहा कि सरकार 20,000 नौकरियां खत्म करने की साजिश रच रही है। इकाई उपाध्यक्ष इंश डटवलिया ने कहा कि प्रदेश सरकार एचपीयू को एक स्थायी कुलपति तक नहीं दे पाई है। इसका सीधा असर विवि के प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्यों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से विवि में जल्द स्थायी कुलपति की तैनाती करने, वार्षिक अनुदान बढ़ाने, विवि में छात्रों के लिए अतिरिक्त बसें चलाने, बेरोजगार युवाओं को स्थायी रोजगार का मौका देने और इस समस्या को हल करने की मांग करते हुए विधानसभा में हुई भर्तियों की न्यायिक जांच करवाने की मांग की। उन्होंने चेताया कि यदि सरकार इन मांगों को पूरा नहीं करती है तो एबीवीपी विवि सहित प्रदेशभर में आंदोलन करेगी।