पुलिस प्रशासन और एसपी के खिलाफ की नारेबाजी, एकतरफा कार्रवाई करने का लगाया आरोप
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बोले, भूमाफियाओं को संरक्षण दे रहा है प्रशासन
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी शिमला में आश्रम में हुए पथराव और दो पक्षों में टकराव मामले को लेकर एबीवीपी ने पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। इसको लेकर एबीवीपी ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
कार्यकर्ताओं ने इस पूरे मामले की हो रही जांच में पुलिस प्रशासन पर एकतरफा कार्रवाई करने के आरोप लगाए और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एबीवीपी ने पुलिस अधीक्षक का इस्तीफा भी मांगा। शहर में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर पुलिस को घेरते हुए प्रदर्शन किया। एबीवीपी का कहना है कि पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता और पक्षपातपूर्ण रवैये के कारण न केवल आम जनता बल्कि छात्रों के अधिकारों का हनन भी हो रहा है। एबीवीपी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अमन अदिति ने कहा कि शिमला सहित प्रदेशभर में भू-माफिया खुलेआम सक्रिय हैं।
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प्रशासन उनकी गतिविधियों पर रोक लगाने के बजाय अप्रत्यक्ष रूप से उनका सहयोग कर रहा है। यह भू-माफिया केवल जमीन हड़पने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि छात्रों और समाज के अन्य कमजोर वर्गों पर भी अनावश्यक दबाव बना रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था पर चिंता व्यक्त की। कहा कि आए दिन हो रही चोरी, लूटपाट, महिलाओं पर अत्याचार तथा युवाओं पर बढ़ते अपराध इस बात का प्रमाण हैं कि प्रशासन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में असफल रहा है। रामकृष्ण मिशन आश्रम में हुई घटना में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ प्रशासन ने एकतरफा कार्रवाई की। इस घटना में बाहरी राज्यों से लोगों को बुलाया गया था जोकि पेशे से बाउंसर थे।
पुलिस के इसमें शामिल होने की आशंका भी है। परिषद का कहना है कि इस मामले में निष्पक्ष जांच की बजाय पुलिस ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाते हुए परिषद के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया। विद्यार्थी परिषद मांग करती है कि भूमाफिया की गतिविधियों पर तत्काल रोक लगाई जाए और उन्हें संरक्षण देने वाले प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाएं। पुलिस प्रशासन को जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। अपराधों की रोकथाम और दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। रामकृष्ण मिशन आश्रम में एबीवीपी कार्यकर्ताओं के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।