पंजाब के छतबीड़ से लाए गए जानवरों में चीतल और दो जोड़े हॉक डियर प्रजाति के भी शामिल हैं। पर्यटक अब इन जानवरों का दीदार कर सकेंगे। बुधवार देर शाम ही इन जानवरों को जू के हिरण यार्ड में खुला छोड़ा गया है।
मिनी जू श्रीरेणुकाजी में जानवरों की बहार आ गई है। यहां काले हिरण के जोड़े समेत तीन प्रजातियों के 12 नए जानवरों को लाया गया है। पंजाब के छतबीड़ से लाए गए जानवरों में चीतल और दो जोड़े हॉक डियर प्रजाति के भी शामिल हैं। पर्यटक अब इन जानवरों का दीदार कर सकेंगे। बुधवार देर शाम ही इन जानवरों को जू के हिरण यार्ड में खुला छोड़ा गया है। इससे पहले यह प्रजाति यहां नहीं थी। यहां केवल हिरण प्रजाति के अन्य जानवर ही विचरण कर रहे थे। अब इस प्रजाति के 12 नए जानवरों के आने से मिनी जू श्रीरेणुकाजी के हिरण यार्ड की शोभा बढ़ गई है।
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हालांकि, पहले दिन ये सभी जानवर डरे व सहमे नजर आए, लेकिन विभाग के कर्मचारियों ने इन्हें अपनी पूरी निगरानी में रखा है। गौर हो कि कुछ दिन पहले ही वन्य प्राणी विभाग के अतिरिक्त प्रधान मुख्य अरण्यपाल राजीव कुमार ने मिनी जू श्रीरेणुकाजी का दौरा कर यहां कुछ नए जानवर लाने की संभावनाएं देखी थीं। इसके मद्देनजर हिरण प्रजाति के 12 जानवरों को रेणुकाजी में लाया गया है। वन्य प्राणी विभाग शिमला के डीएफओ एन रविशंकर शर्मा ने बताया कि मिनी जू श्रीरेणुकाजी को स्तरोन्नत करने के लिए यहां नए जानवरों को लाने के प्रयास किए जा रहे हैं। अभी कुछ और अन्य जानवरों को भी यहां लाए जाने की योजना है।
श्रीरेणुकाजी जू से शिफ्ट किया भालू का जोड़ा
मिनी जू श्रीरेणुकाजी में भालुओं की संख्या घटकर अब मात्र दो रह गई है। हिरण प्रजाति के 12 नए जानवरों के बदले रेणुकाजी से भालू के एक जोड़े रजत व बबली को छतबीड़ चिड़ियाघर भेज दिया है।