फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Himachal: भांग की खेती को वैध करने के मामले में पांच सदस्यीय कमेटी गठित, सीएम सुक्खू ने सदन में किया एलान

Thu, 06 Apr 2023 10:56 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

भांग की खेती वैध करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को सदन में पांच सदस्यीय कमेटी के गठन का एलान किया है। यह कमेटी एक महीने के भीतर सरकार को रिपोर्ट देगी कि भांग की खेती क्यों वैध किया जाए। 
विज्ञापन
भांग का पौधा - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

हिमाचल प्रदेश में भांग की खेती वैध करने के लिए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने गुरुवार को सदन में पांच सदस्यीय कमेटी के गठन का एलान किया है। यह कमेटी एक महीने के भीतर सरकार को रिपोर्ट देगी कि भांग की खेती क्योंवैध किया जाए। सीएम ने सदन में कमेटी बनाने का प्रस्ताव रखा। इसमें पक्ष और विपक्ष के पांच सदस्य शामिल होंगे। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में यह कमेटी रिपोर्ट तैयार करेगी।

विज्ञापन


कमेटी के अध्यक्ष राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी होंगे, जबकि विधायक पूर्ण चंद, हंसराज, डॉ. जनकराज, सुंदर ठाकुर सदस्य होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि भांग को औषधि के लिए इस्तेमाल किया जाएगा। कैंसर, मधुमेह, तनाव आदि की दवाओं में इसका इस्तेमाल होता है, लेकिन रिपोर्ट आने के बाद ही इसका सही इस्तेमाल पता चलेगा। यह भी देखना होगा कि नशे की प्रवृति न बढ़े।

भाजपा विधायक पूर्ण चंद की ओर से नियम 63 के तहत भांग की खेती को वैद्य करने की चर्चा का सीएम जवाब दे रहे थे। सीएम ने कहा कि एनडीपीसी एक्ट 1985 के तहत कई राज्यों में अफीम की खेती वैद्य है, जबकि उत्तराखंड में औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भांग की खेती की जा रही है। इस एक्ट के सेक्शन 10 में राज्यों को भांग की खेती, उत्पादन और इसके क्रय-विक्रय का अधिकार है।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Himachal News: हिमाचल की कमजोर अर्थव्यवस्था को लेकर श्वेत पत्र लाएगी सरकार, सीएम ने सदन में दी जानकारी

भांग की खेती से बढ़ेगा हिमाचल के युवाओं का रोजगार, प्रदेश सरकार को होगी आय : पूर्णचंद
 विधानसभा के बजट सत्र में भांग की खेती को वैद्य किए जाने की चर्चा में भाग लेते हुए विधायक पूर्णचंद ठाकुर ने कहा कि यह लोगों के रोजगार से जुड़ा मामला है।  इससे युवाओं को रोजगार मिलेगा, वहीं सरकार की आय में भी बढ़ोतरी होगी। विधायक सुंदर सिंह ठाकुर ने कहा कि जब वह विपक्ष में थे उस समय भी इस विषय पर बोलते थे, लेकिन इसे गंभीरता से नहीं लिया गया।  उन्होंने कहा कि यह चंबा, कांगड़ा, शिमला समेत पहाड़ी क्षेत्रों से जुड़ा मुद्दा है। इससे कैंसर, ट्यूमर, समेत कई रोगों की दवाएं बनती हैं। उन्होंने कहा कि इस्राइल ने भी भांग से कोरोना की दवा बनाई थी, इसके अलावा हमें भांग को चिट्टे से नहीं जोड़ना चाहिए। 

सुरेंद्र शौरी ने कहा कि भांग की नशीली और औद्योगिक खेती में अंतर है। भांग का नशे वाला पौधा 2 से 3 जबकि औषधीय गुण वाला पौधा 10 से 12 फीट का होता है। औषधीय पौधे में 0.03 फीसदी नशा होता है। विधायक हंसराज ने कहा कि अगर भांग को डाॅक्टरों की सलाह पर सही मात्रा में लिया जाए तो यह अच्छी दवा है। उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बीमार हुई थी तो डाॅक्टरों ने भांग के तेल के लिए कहा था। चुराह, भरमौर और डलहौजी में 600 लोग अंदर गए हैं, जबकि 400 पर केस हैं।

मध्य प्रदेश, उत्तरप्रदेश में दिए लाइसेंस : जनकराज
शिमला। विधायक डॉ. जनकराज ने कहा कि मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश में भांग के पौधे उगने के लाइसेंस दिए हैं। उन्होंने कहा कि भांग के अतिरिक्त एक और पौधा अफीम की खेती को भी लीगल किया जाना चाहिए। अफीम से कैंसर, एक्सीडेंट मरीजों का उपचार, मेडिसिन और आयुर्वेदिक में इसका प्रयोग होता है। इसके अलावा मिरगी का दौरा, ब्लड कैंसर, कीमोथैरेपी, न्यूरो से संबंधित बीमारी में भी दर्द कम करने में इसका प्रयोग किया जाता है। सरकार को इस पर नीति बनाने की जरूरत है। ब्यूरो


 

विज्ञापन

सीपीएस और चेयरमैन बना दिए, फिजूलखर्ची रोकने का संदेश अच्छा नहीं जाता: रणधीर

 भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने आर्थिक सुदृढ़ व फिजूलखर्ची करने को लेकर चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि सरकार ने सीपीएस और चेयरमैन की नियुक्ति कर दी। मंत्रियों और सीपीएस की कोठियों में जरूरत से ज्यादा पैसा खर्च हो रहा है। एक्ससाइज पालिसी में अगर समय पर टैक्स की वसूली होती है तो इससे आय होगी। पूर्व सरकार में भी प्रयास किए गए। नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन स्थापित किए जाने से हिमाचल की आय होगी। जंगलों में खैर के पेड़ सड़ रहे हैं।

खैर जड़ी-बूटियां बनाने में काम आता है। ऐसे में इनकी नीलामी की जानी चाहिए। इससे हिमाचल को आय होगी। रोपवे के निर्माण से भी आय में इजाफा होगा। सरकाघाट के विधायक दलीप ठाकुर के सवाल के लिखित जवाब में प्रश्नकाल में भी मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने जवाब दिया कि प्रदेश सरकार की ओर से मुख्य सचिवों की नियुक्तियां हिमाचल प्रदेश संसदीय सचिव नियुक्ति, वेतन, भत्ते, शक्तियां विशेषाधिकार और सुख सुविधाएं अधिनियम 2006 में निहित प्रावधानों के तहत की जाती है। इन्हें कोई भी पुलिस एस्कॉर्ट प्रदान नहीं की जाती है।

वाटर ट्रांसपोर्ट से होगी आय- चंद्र शेखर
 कांग्रेस विधायक चंद्र शेखर ने कहा कि वाटर ट्रासंपोर्ट से हिमाचल में आय के साधन सुदृढ़ होंगे। बीबीएमबी के पास हिमाचल के पैसा के अवसर मिलेंगे। बिजली प्रोजेक्ट को लेकर सरकार को अपनी कंपनी बनाने की जरूरत है। ऐसे भी आय में इजाफा होगा।

हिमाचल की आर्थिक स्थिति कमजोर- राणा
कांग्रेस विधायक राजेंद्र राणा ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि हिमाचल की आर्थिक स्थिति कमजोर है। हिमाचल कर्जे में डूबा है। आय के साधन सीमित है। हिमाचल में उद्योग स्थापित करने के लिए अड़चनों को सरल करने की जरूरत है। स्वास्थ्य पर्यटन पर जोर दिया जाना आवश्यक है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें