सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डाॅ. धनी राम शांडिल
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हिमाचल प्रदेश में ‘किराये की कोख’ कमाई का जरिया तो नहीं बन रही है। इसकी जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। विधानसभा की तीन महिला सदस्यों को सरोगेसी बोर्ड का सदस्य बनाया जाएगा। हिमाचल प्रदेश विधानसभा में सर्वसम्मति से इस बाबत प्रस्ताव पास किया गया। विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री धनीराम शांडिल ने राज्य सहायक प्रजनन तकनीक और सरोगेसी अधिनियम के तहत प्रदेश विधानसभा की तीन महिला सदस्यों को बोर्ड सदस्य बनाने का प्रस्ताव रखा।
शांडिल ने कहा कि सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम 2021 की धारा 26 और 27 के प्रावधानों के अनुसार विधानसभा के सदस्य मनोनीत किया जाना चाहिए। सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी (एआरटी) और सरोगेसी के लिए राज्य बोर्डों का गठन, सरोगेसी अधिनियम, 2021 के तहत किया जाता है। इन बोर्डों का काम सहायक प्रजनन तकनीक सेवाओं को नियंत्रित करना है। सरोगेसी के वाणिज्यिक पैमाने पर हो रहे दुरुपयोग को रोकने के लिए सरोगेसी अधिनियम 2021 लाया गया है।