कच्चा माल मंगवाने में आती थी अधिक लागत
परवाणू में चूल्हा उद्योगों में उपयोग होने वाला कच्चा माल अन्य राज्यों से आता था। ऐसे में ट्रांसपोर्ट में काफी खर्च आता था। इसी के साथ जब माल तैयार होता था तो भी बेचने के लिए उद्योग मालिकों को अधिक लागत आ रही थी। इस कारण भी चूल्हा उद्योग दूसरी जगह शिफ्ट हो गए। ये उद्योग अधिकतर उन जगहों में शिफ्ट जहां पर कच्चा माल भी कम लागत में उपलब्ध हो रहा है।
एक नहीं, कई कारण रहे पलायन के
परवाणू में बड़ी संख्या में चूल्हा उद्योग थे। लेकिन अब नाममात्र ही रह गए हैं। कारण यह है कि परवाणू में ट्रांसपोर्टेशन की काफी दिक्कतें आती थीं। सामान को लाने और ले-जाने के लिए भी अधिक कीमत अदा करनी पड़ती थी। दूसरी ओर जीएसटी की वजह से भी उद्योगों ने पलायन किया। इसी के साथ परवाणू को मिले पैकेज में भी कोई बढ़ोतरी नहीं की गई। केंद्र सरकार की उज्ज्वला योजना के दौरान एक दम मांग बढ़ी। इसके बाद जब कोटा पूरा हो गया तो उद्योगों की तरफ मुड़कर नहीं देखा गया।-राकेश भाटिया, अध्यक्ष, लघु उद्योग संघ परवाणू। इस बारे में प्रधान सचिव उद्योग आरडी नजीम ने बताया कि अभी इसकी जानकारी नहीं है। इस बारे में जानकारी ली जाएगी।