प्रवेश परीक्षा की शर्त हटाने के बाद प्रदेश के विभिन्न नर्सिंग कॉलेजों में 90 प्रतिशत सीटें फुल हो गई हैं। हालांकि, इससे पहले प्रवेश परीक्षा के माध्यम से 50 प्रतिशत सीटें भी नहीं भर पाई थीं। प्रदेश के नर्सिंग कॉलेजों में सैकड़ों सीटें खाली बची थीं। बाद में प्रदेश नर्सिंग काउंसिल के आग्रह पर विवि ने मॉपअप राउंड करवाया। इसके दाखिले 31 मार्च से लेकर अभी तक जारी हैं।
इस दौरान देखा गया कि इस राउंड में नर्सिंग की 90 प्रतिशत सीटें भर गई हैं। प्रदेश के 31 नर्सिंग कॉलेज अटल मेडिकल यूनिवर्सिटी नेरचौक से संबंधित हैं। इनमें अब तक 90 प्रतिशत सीटें भर चुकी हैं। बता दें कि बीएससी नर्सिंग की करीब 1200 कुल सीटों में से इस राउंड में 650 सीटें भरी गई हैं। पोस्ट बेसिक बीएससी की 300 में से 250 सीटें और एमएससी की 170 में से 100 सीटें भर गई हैं। प्रवेश परीक्षा की शर्त खत्म होने के बाद बहुत से अभ्यर्थियों ने दाखिले लिए हैं।
उधर, प्रदेश के दो सरकारी नर्सिंग कॉलेजों सिस्टर निवेदिता नर्सिंग कॉलेज शिमला और मेडिकल कॉलेज नेरचौक में प्रवेश परीक्षा के जरिये ही सभी सीटें भर गई थीं। मेडिकल यूनिवर्सिटी के परीक्षा नियंत्रक डॉ. प्रवीण ने बताया कि प्रवेश परीक्षा की शर्त खत्म होने के बाद बहुत सी खाली सीटें भर गई हैं। ब्यूरो
दस प्रतिशत सीटें भरने के लिए 7 अप्रैल तक दाखिले
मेडिकल यूनिवर्सिटी ने अब 10 प्रतिशत खाली बची सीटों के लिए स्टे वेकेंसी राउंड के दाखिलों की तिथि को सात अप्रैल तक बढ़ा दिया है। मॉपअप राउंड में कुल 90 प्रतिशत सीटें भर दी गई हैं। अब एक बार फिर से खाली बची दस प्रतिशत सीटों को भरने के लिए सात अप्रैल तक दाखिला लिया जा सकता है। इसमें प्रवेश परीक्षा की शर्त को खत्म कर दिया गया है। ऐसे में कोई भी जमा दो बेस पर दाखिला ले सकता है।