हिमाचल में चुनाव आचार संहिता लागू होने से पहले सरकारी कर्मचारियों के तबादले धड़ाधड़ हो रहे हैं। सरकार के पास रोजाना सैकड़ों की तादाद में तबादलों के लिए नेताओं के डीओ नोट पहुंच रहे हैं। सितंबर महीने में ही अब तक मुख्यमंत्री कार्यालय से करीब नौ हजार डीओ लेटर स्वीकृत हो चुके हैं।
इनमें से ज्यादातर स्वीकृति पत्र तबादलों के हैं। तबादला आदेश जारी करने के लिए इन्हें संबंधित विभागों को भेजा जा रहा है। तबादलों के मामले में शिक्षा विभाग पहले, स्वास्थ्य महकमा दूसरे एवं पीडब्ल्यूडी तीसरे नंबर पर है। शिक्षा निदेशालयों में रोजाना तबादलों के 70-90 एप्रूव्ड डीओ नोट पहुंच रहे हैं।
मंत्री-विधायकों और चेयरमैनों के सबसे ज्यादा नोट
हिमाचल में विधानसभा चुनाव का एलान कभी भी हो सकता है। चुनाव की घोषणा के साथ ही प्रदेश में आचार संहिता लागू हो जाएगी। इससे पूर्व कई कर्मचारी खुद की एडजस्टमेंट में जुट गए हैं। चुनावी माहौल में नेता भी धड़ाधड़ तबादलों के लिए डीओ नोट जारी दे रहे हैं। सीएम दफ्तर में अफसरों के पास तबादलों के लिए डीओ नोटों के ढेर लगे हैं।
सीएम ऑफिस से निदेशालय तक में तबादले कराने वालों की भीड़ जुट रही है। तबादलों के अलावा कर्मचारियों का एक वर्ग रिटायरमेंट के बाद पुनर्वास की जुगत में लगा है। पुनर्नियुक्ति के भी कई मामले सीएम कार्यालय में आ रहे हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय में सबसे ज्यादा नोट मंत्रियों के हैं। उसके बाद विधायक और तीसरे नंबर पर निगम-बोर्डों के चेयरमैन हैं।
साढ़े पांच लाख डीओ नोट स्वीकृत
मौजूदा कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में मुख्यमंत्री कार्यालय से अब तक करीब साढ़े पांच लाख डीओ नोट स्वीकृत हो चुके हैं। इनमें तबादलों के अलावा नौकरी की सिफारिश, भूमि हस्तांतरण, स्टाफ नियुक्ति, भवन निर्माण, नए संस्थान खोलने जैसे जनहित के कार्य भी शामिल हैं।
ये होता है डीओ लेटर
डीओ लेटर यानी डेमी ऑफिशियल लेटर एक अर्ध शासकीय पत्र होता है। जिसे विधायक, मंत्री, अधिकारी जैसे अधिकृत व्यक्ति किसी विशेष परिस्थिति और महत्व के चलते जारी करते हैं।
डीओ लेटर को जारी करने वाला संबंधित मामले में व्यक्तिगत रुचि दर्शाकर मामले को विशेष प्राथमिकता देने को कहता है। हालांकि, इसे पूरी तरह से सरकारी पत्र नहीं माना जाता, लेकिन अर्ध शासकीय संज्ञा से इस पत्र को प्राथमिकता से लिया जाता है।
तबादले रूटीन प्रोसेस: चौहान
प्रदेश कांग्रेस पार्टी के महासचिव नरेश चौहान ने कहा कि तीन साल बाद तबादले होना रूटीन प्रोसेस है। सरकार की ओर से जो डीओ नोट जारी हो रहे हैं वह तबादलों के ही नहीं बल्कि विकास कार्यों के भी हैं। हिमाचल में विकास कार्य हो रहे हैं। इन कार्यों को करने के लिए भी डीओ नोट जारी होते हैं।