शहर से सटी पंचायतों और इनके बाजारों में जल्द ही डोर टू डोर गारबेज कलेक्शन की योजना शुरू होने जा रही है। जिला प्रशासन इसी महीने पंचायत प्रतिनिधियों की बैठक बुलाकर इस पर अहम फैसला लेने की तैयारी कर रहा है। इसके तहत शहर के साथ लगते चैली, ढांडा, रझाणा, ब्योलिया, मैहली, चमयाणा, लोअर चलौंठी, तारादेवी, शोघी आदि इलाकों में भी घरों से कचरा उठाने की योजना शुरू करने की तैयारी है।
यह सभी एरिया अभी पंचायतों के अधीन हैं। नगर निगम इनका सूखा कचरा भरयाल संयंत्र में लेने को तैयार है। इसके अलावा गीला कचरा इन्हीं पंचायतों में ठिकाने लगाया जाएगा। इसके लिए प्रशासन जमीन और जरूरी बजट की भी सुविधा पंचायतों को देने वाला है। इस बारे में पंचायत प्रतिनिधियों के साथ प्रशासन की एक बैठक हो चुकी है जिसमें इन्हें घरों से कूड़ा उठाने के लिए कर्मचारी और गाड़ी की व्यवस्था करने को कहा था। अब इसी महीने एक और बैठक बुलाई जानी है जिसमें इन इंतजामों के बारे में रिपोर्ट ली जाएगी।
योजना से साफ सुथरा होगा शिमला
प्रशासन नगर निगम के साथ मिलकर अगले एक दो महीने में ही इस योजना को लागू करने की तैयारी कर रहा है। यदि योजना लागू होती है तो शिमला शहर के प्रवेश द्वारों पर अब कचरे के ढेर देखने को नहीं मिलेंगे। इससे जहां शिमला से सटे यह इलाके साफ सुथरे रहेंगे, वहीं पेयजल स्रोतों के भी दूषित होने का खतरा नहीं रहेगा।
इस बारे में पंचायत प्रधानों के साथ इसी महीने बैठक बुलाई जाएगी। पंचायतों ने योजना को लागू करने के लिए क्या प्रयास किए हैं और इन्हें क्या परेशानी आ रही है, इस पर चर्चा की जाएगी। जल्द ही योजना को लागू कर दिया जाएगा। -देव श्वेता बनिक, अतिरिक्त उपायुक्त
सूखा कचरा लेने को तैयार एमसी
जिला प्रशासन से इस बारे में बात हो चुकी है। नगर निगम भरयाल संयंत्र में सूखा कचरा लेने के लिए तैयार है।
-डॉ. सुरेखा चोपड़ा, निगम स्वास्थ्य अधिकारी