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सरकारी स्कूलों की ड्रेस में अब ट्रेक सूट शामिल

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अमर उजाला ब्यूरो
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शिमला।
राजधानी के सरकारी स्कूलों ने भी ट्रेक सूट को स्कूल ड्रेस में शामिल कर लिया है। लालपानी, छोटा शिमला और टूटु स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों की मंजूरी से यह फैसला लिया है। पोर्टमोर स्कूल यह व्यवस्था काफी पहले कर चुका है। स्कूल में छात्र-छात्राएं दो दिन ट्रेक सूट में नजर आएंगे। अन्य दिनों में रुटीन की ड्रेस होगी। राजधानी के कान्वेंट स्कूलों की तरह ही अब सरकारी स्कूलों के बच्चे भी नजर आएंगे। पहले सत्र में स्कूल ने ही अति गरीब छात्राओं के लिए कुछ ट्रेक सूट की अपने स्तर पर व्यवस्था की थी। इसके बाद छोटा शिमला स्कूल और अब लालपानी ब्वॉयज स्कूल ने भी ट्रेक सूट को सप्ताह में दो दिन लागू किया है। ट्रेक सूट में बाकायदा स्कूल का लोगो और पीठ पर स्कूल का नाम लिखा गया है। अब छात्रों का साफ पता लगता है कि वह कौन से स्कूल से है। पोर्टमोर स्कूल की प्रधानाचार्य निशा भलूनी का कहना है कि स्कूल प्रबंधन समिति की बैठक में पारित प्रस्ताव पर यह व्यवस्था की गई है। गर्ल्ज स्कूल लक्कड़ बाजार की प्रधानाचार्य गीता रानी ने कहा कि यहां भी जल्द ट्रेक सूट शुरू करने की तैयारी है।
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गरीब छात्रों को एसएमसी देगी ट्रेक सूट
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले गरीब परिवारों के बच्चों के लिए एसएमसी और स्कूल प्रशासन अपनी तरफ से ड्रेस मुहैया करवा रहे हैं। लालपानी के प्रधानाचार्य एलआर भारद्वाज ने कहा कि स्कूल में बुधवार और शनिवार को ट्रेक सूट शुरू किया गया है। गरीब परिवारों की 16 छात्रों को अपने स्तर पर ट्रेक सूट दिए गए हैं। छोटा शिमला स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. रत्न सिंह वर्मा ने कहा कि छठी से बारहवीं कक्षा तक ट्रेक सूट शुरू किए हैं। एपी गोयल यूनिवर्सिटी के सहयोग से एसएमसी गरीब छात्रों के लिए ट्रेक सूट देने को हामी भी भरी है।
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स्वयंसेवी संस्थाएं और पूर्व छात्र कर रहे सहयोग
सरकारी स्कूलों के गरीब, दिहाड़ीदार अभिभावकों के बच्चों को ट्रेक सूट खरीदने के लिए कुछ निजी संस्थाएं, संस्थान और स्कूलों से पढ़कर गए छात्र भी आर्थिक सहयोग को आगे आने लगे हैं।
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शिक्षा की गुणात्मक सुधार के भी हो रहे प्रयास
शहर के इन स्कूलों में सिर्फ ड्रेस ही नहीं बदल रही बल्कि शिक्षा में गुणात्मक सुधार के भी प्रयास हो रहे है। पोर्टमोर और लालपानी स्कूल पहले से इंग्लिश, हिंदी मीडियम में छठी से बारहवीं तक पढ़ाई करवा रहे हैं। छोटा शिमला स्कूल ने इस बार से छठी और नवीं कक्षा में हिंदी के साथ इंग्लिश मीडियम में पढ़ने की च्वायस दी है।
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