मैं बेशक अकेले रह लूंगी पर मेरा परिवार नहीं टूटना चाहिए। मेरे बेटे का एक छोटा सा परिवार है, बहु जिसे मैंने अपनी बहू नहीं बेटी माना है। पर वह कुछ दिनों से मायके गई और पता नहीं किस कारण अभी तक घर नहीं लौटी है।
आप मेरी बहू को घर भिजवा दो। राज्य महिला आयोग में बुधवार को करीब 70 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला परिवार को बिखरने से बचाने की यह गुहार लेकर पहुंची।
महिला ने कहा कि वह अपने परिवार को बचाने के लिए आयोग की शरण में आई है। उन्होंने कहा कि वह इसके लिए बच्चों से अलग तक रहने के लिए तैयार है, पर बहू अपने घर अपने बच्चे और पति के पास लौट आए।
आयोग ने इस मामले में बहू को कोर्ट में पेश होने के लिए कहा था, लेकिन वह उपस्थित नहीं हुई। अब मामले की अगली सुनवाई में फिर से बहु को समन जारी किया जाएगा।
बिखर रहे हैं परिवार
आयोग ने पहले दिन की कोर्ट में हमीरपुर, सोलन, शिमला जिला के 22 मामलों की सुनवाई की। 5 मामलों में दोनों ही पक्ष मौजूद नहीं हुए जबकि17 में से एक मामले को मौके पर ही निपटा दिया गया। दो ही मामलों में दोनों पक्षों को 2 महीने का समय दिया है।
मामलों की सुनवाई आयोग की अध्यक्ष जैनब चंदेल, मेंबर सेक्रेटरी और सदस्य किरण दत्ता ने की। जैनब चंदेल ने कहा कि परिवारों में बिखराव का कारण गलत फहमियां भी है।
पति पत्नी से आग्रह है कि वे आपस में बैठकर एक दूसरे को समय दें और एक दूसरे को समझे ताकि टूटते परिवार को बचाया जा सके।
देर रात तक करवाते हैं काम
शिमला में एक निजी इंश्योरेंस कंपनी में काम करने वाली युवति ने कंपनी के अधिकारी पर उससे देर रात तक काम करवाने का आरोप लगाया।
युवति ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसे इंश्योरेंस की राशि लेने को ऑड ऑवर्स में लोगों के घर भेजा जाता था। ऐसी जगह भेजा जाता था जहां से वापस आने के लिए वाहनों की किसी तरह की आवाजाही भी नहीं थी। आयोग ने कंपनी के संबंधित अधिकारी को कोर्ट की अगली सुनवाई में तलब किया।
आज होगी 24 मामलों पर सुनवाई
वीरवार को हमीरपुर, सोलन और शिमला जिले के 24 मामले सुनवाई के लिए लगे हैं। इनमें अधिकतर मामले शिमला जिला के हैं, जो महिलाओं ने पतियों के खिलाफ शिकायतों से संबंधित हैं। शुक्रवार को कांगड़ा, सिरमौर, कांगड़ा जिलों की 26 शिकायतों पर आयोग सुनवाई करेगा।