राज्य सहकारी बैंक में एनपीए 5.6 फीसदी से बढ़कर 7 प्रतिशत तक पहुंच गया है। राज्य सहकारी बैंक के ऋण लौटाने में देरी करने वालों की सूची लंबी होने लगी है। पहले बैंक खातों की जांच करने के बाद एनपीए की लिस्ट जारी करता था, परंतु पिछले दो माह से यह कार्य कंप्यूटरों की मदद से स्वयं होने लगा है। वर्तमान में बैंक प्रबंधन ने यह व्यवस्था कर दी है कि एनपीए खाते आटोमेशन से स्वयं उजागर हो जाते हैं। बैंक के एनपीए खाते एक दिन पहले ही जारी होने लगे हैं।
अभी तक राष्ट्रीयकृत बैंकों में भी ऑटोमेशन से एनपीए खातों का एक दिन पहले पता लगाने की कोई व्यवस्था नहीं है। राज्य सहकारी बैंक देश का पहला बैंक बन गया है, जहां एनपीए खाते ऑटोमेशन से पता लगाए जा रहे हैं। दो माह से बैंक की शाखाएं ऑटोमेशन में डाली जा चुकी हैं।
इस व्यवस्था के बाद से सहकारी बैंक में एनपीए होने वाले खातों की सूची एडवांस में तैयार हो रही है। ऋण लौटाने वालों से पहले ही संपर्क किया जाने लगा है। किस्तें टूटने वाले खाताधारकों से तत्काल संपर्क करके ऋण लौटाने को फील्ड स्टाफ उनके पास पहुंच रहा है।
सहकारी बैंक की पांच जिलों में हैं ब्रांचें
राज्य सहकारी बैंक की शिमला, किन्नौर, सिरमौर, मंडी और बिलासपुर में कुल 218 शाखाएं ग्राहकों को अपनी सेवाएं दे रही हैं। बैंक के 23 एक्सटेंशन काउंटर हैं।
ये हैं आरबीआई के निर्देश
भारतीय रिजर्व बैंक ने सभी बैंकों को निर्देश दिए हैं कि ऋण लेने वाला दो किस्तें तोड़ता है तो उसके खाते को एनपीए की लिस्ट में तत्काल डाला जाए। इन निर्देशों को ध्यान में रखकर ऋण लिए खातों को ऑटोमेशन में डाला गया है। अगर ऋण लेने वाला लगातार दो किस्त तोड़ता है तो एस दिन पहले सूची स्वयं तैयार हो जाती कि रोज कितने एनपीए खाते हैं।
यह कहते हैं राज्य बैंक अध्यक्ष
राज्य सहकारी बैंक के अध्यक्ष खुशीराम बालनाहटा कहते हैं कि जब से एनपीए को ऑटोमेशन में डाला है जब से एनपीए 7 फीसदी तक पहुंच गया है। एक दिन पहले कंप्यूटर सूचना दे देता है कि कौन से खाते एनपीए हैं।