हिमाचल के परवाणू में डेंगू ने पांव पसारे लिए हैं। टकसाल में सोमवार को एक साथ सात नए मामले पॉजिटिव आने से हड़कंप मच गया है। इसी गांव में अब डेंगू से पीड़ित से मरीजों का आंकड़ा एक दर्जन पहुंच गया है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों के हाथ पांव भी फूल गए हैं। इसके अलावा परवाणू के सेक्टर छह में तीन, सेक्टर दो चार और हरियाणा बॉर्डर के साथ लगते गांवों में तीन नए मामले सामने आए हैं।
कुल मिलाकर परवाणू में अब तक 24 रोगियों को डेंगू पॉजिटिव बताया जा रहा है। बद्दी और नालागढ़ में स्थिति सुधरी है। सोमवार को तीन मामले पॉजिटिव निकलने के साथ बीबीएन में रोगियों की कुल संख्या 31 हो गई है। जबकि जिले में इनकी संख्या 55 तक हो गई है। डेंगू एडिजएजिप्टआई मादा मच्छर के काटने से फैलता है। यह मच्छर दिन के समय लोगों को काटता है, अन्य मच्छर की अपेक्षा यह बड़ा और धारीदार होता है।
मच्छर काटने के बाद शरीर में प्रतिरक्षण क्षमता कम हो जाती है। शरीर में प्लेटलेटस कम होने से बीमारी तेजी से बढ़ती है। इससे शरीर में पानी की कमी आ जाती है। बीएमओ डा. कुलदीप जसवाल ने बताया कि डेंगू का कोई सीधा इलाज नहीं है। इसके सिमटेमिटक ट्रीटमेंट किया जाता है। अगर रोगी के प्लेटलेट्स कम होते हैं तो उसे नए चढ़ा दिए जाते हैं।
लक्षण और बचाव के उपाय
आशा वर्कर तथा एनजीओ की मदद से लोगों को डेंगू को लेकर जागरूक किया जा रहा है। विशेषज्ञ डॉ. अनुज गुप्ता के मुताबिक प्लेटेलेटस खून को क्लॉट करने की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है। इससे कभी भी चोट लगे तो प्लेटलेटस खून का बहाव रोक देते हैं। एक स्वस्थ व्यक्ति में डेढ़ लाख से साढ़े चार लाख तक प्लेटलेटस होते हैं। जब यह 10 हजार से नीचे चले जाते हैं तो रोगी की जान को खतरा हो जाता है।
ये हैं लक्षण और उपाय
लागातार सामान्य या तेज सिरदर्द, मरीज को तेज बुखार आना, रोगी को भूख न लगना, पूरे शरीर में दर्द होना, सिर में चक्कर या आंखों में दर्द होना इसके मुख्य लक्षण हैं। लोगों को अपने घर के आसपास सफाई रखनी चाहिए। गमले, कुलर तथा अन्य खड़े पानी में मिट्टी का तेल डालें, घर के कोने तथा बेड के नीचे सफाई रखें। मच्छरदानियों का प्रयोग करें, शरीर को पूरा ढकने वाले वस्त्रों का प्रयोग करें, घर के आसपास पानी को एक स्थान पर जमा न होने दें।