शिमला। पेयजल किल्लत जांचने बुधवार को भट्ठाकुफर पहुंचीं महापौर कुसुम सदरेट को स्थानीय लोगों का गुस्सा झेलना पड़ा। महापौर, उप महापौर समेत निगम अफसरों को करीब पौने घंटे तक लोगों ने सड़क पर ही घेरे रखा।
बहसबाजी इतनी बढ़ी कि धक्कामुक्की तक नौबत आ गई। महापौर ने किसी तरह इन्हें समझाया और दोबारा ऐसी किल्लत न होने का भरोसा दिलाया। महापौर सुबह करीब सवा 11 बजे उप-महापौर राकेश शर्मा, एसडीओ गोपेश बहल, कनिष्ठ अभियंता राजेश मंढोत्रा और कीमैन समेत मौके पर पहुंचीं।
इनके आने की सूचना मिलते ही पार्षद रीता ठाकुर, पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर समेत भट्ठाकुफर और नेरीधार के लोग मौके पर जमा हो गए। जैसे ही महापौर यहां पहुंची कि लोगों का गुस्सा फूट गया। महिलाओं ने पूछा कि आखिर हमें पानी क्यों नहीं देते। अधिकारी बोले कि तीसरे और चौथे दिन पानी दिया जा रहा है। इस पर लोग और भड़क गए। अधिकारियों के हाथ पकड़कर घरों, छतों में लगी टंकियां दिखाने ले जाने लगे। उप महापौर ने किसी तरह इन्हें रोका।
मेयर मैडम, कम से कम चौथे दिन तो पानी दो
पूर्व पार्षद नरेंद्र ठाकुर ने महापौर से कहा कि वे रोज या तीसरे दिन भी सप्लाई नहीं चाहते। निगम कम से कम चौथे दिन तो भरपूर पानी दे। कई बार दस दिन तक पानी नहीं आता। स्थानीय निवासी धनीराम, पुष्पा, लता, अंजू, अनुराधा, अनिता, रमेश ठाकुर आदि ने कहा कि निगमवाले हमें झूठा बोलते हैं, लेकिन फील्ड में जाकर लोगों की समस्याएं सुनने तक नहीं पहुंचते।
निगम ने मानी गलती, मौके पर भेजा टैंकर
पेयजल किल्लत को देखते हुए महापौर ने तुरंत निगम अधिकारियों को टैंकर भेजने के निर्देश दिए। लोगों को भरोसा दिलाया कि पाइपलाइन चैक की जाएगी ताकि तीसरे दिन पानी की सप्लाई सुनिश्चित हो सके। उधर, जल शाखा के अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई चौथे दिन ही देते हैं, लेकिन कई बार कुछ घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा। इसे चैक किया जाएगा।
अब दफ्तर का घेराव करेंगे
स्थानीय लोगों ने अपनी समस्या महापौर के सामने रखी हैं। निगम अधिकारी हमें झूठा बोल रहे हैं, जो गलत है। यदि सप्लाई नहीं सुधारी गई तो अब निगम दफ्तर में जाकर घेराव कर देंगे। - रीता ठाकुर, पार्षद
सप्लाई दुरुस्त करने को कहा
मौके पर जाकर लोगों की समस्या जानी है। यहां कई घर ऐसे हैं जहां पानी नहीं जा रहा। इसीलिए टैंकर भेजने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को भी सप्लाई दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। - कुसुम सदरेट, महापौर, नगर निगम शिमला