अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। कमला नेहरू अस्पताल में मरीजों को पहले आओ और पहले पाओ के आधार पर स्पेशल वार्ड दिया जाएगा। फाइल देकर प्रबंधन के समक्ष जो मरीज स्पेशल वार्ड के लिए पहले आवेदन करेगा, उस मरीज को वार्ड पहले मुहैया करवाया जाएगा। केएनएच प्रबंधन की इस तरह की कवायद शुरू करने के बाद जुगाड़ तंत्र से स्पेशल वार्ड लेने वाले लोगों पर इसका असर खूब पड़ेगा।
मातृ एवं शिशु अस्पताल केएनएच में नए भवन की मंजिल में स्पेशल वार्ड बनाया गया है। गायनी और प्रसूता महिलाओं की डिलीवरी के बाद रोजाना पांच से दस मरीज स्पेशल वार्ड की डिमांड प्रबंधन के समक्ष रखते हैं। कई लोग अपने स्तर पर स्पेशल वार्ड लेने आते हैं लेकिन दूसरी ओर ऊंची पहुंच रखने वाले लोग वार्ड हासिल कर लेते हैं। इसके कारण जुगाड़ तंत्र न होने वाले मरीज के तीमारदार को आने वाले कई दिनों तक प्रबंधन के कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। जबकि, कई बार तो अन्य तीमारदार को ऊंची पहुंच रखने वाले लोगों को वार्ड देने पर प्रबंधन के साथ लड़ाई-झगड़े तक की नौबत तक आ जाती है। ऐसे में इस तरह की नौबत से बचाव के लिए प्रबंधन ने नायाब तरीका निकाला है। प्रबंधन का दावा है कि वार्ड उन्हीं मरीजों को दिया जाएगा, जिन्होंने पहले आवेदन किया होगा। ऐसे में बाद वाले मरीज को वार्ड नहीं दिया जाएगा। केएनएच विभागाध्यक्ष कम वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक डॉ. बिशन धीमान ने बताया कि जिस मरीज ने स्पेशल वार्ड लेने के लिए आवेदन किया होगा, उसे ही पहले वार्ड दिया जाएगा।
रजिस्टर में होता है आवेदनकर्ता का नाम
जिस महिला मरीज ने वार्ड के लिए पहले आवेदन किया होता है, उस दिन की तिथि को रजिस्टर में अलग से नोट किया जाता है। वहीं अगर दो व्यक्तियों ने अगर एक ही दिन आवेदन किया होता है तो भी उसमें से जिस व्यक्ति ने सुबह और दूसरे ने कुछ देर बाद वार्ड के लिए आवेदन किया है तो टाइमिंग के आधार पर महिला को वार्ड मुहैया करवाया जाता है। प्रबंधन का दावा है कि इस काम से काफी हद तक लाभ मिला है।