प्रतिबंधित दवा तस्करी मामले में गिरफ्तार नगर पंचायत गगरेट के पार्षद वीरेंद्र बिंदु के घर सीआईडी की एसआईटी ने दबिश दी। इस दौरान उसके घर से 12 बोर राइफल के 59 कारतूस और दो कारतूस के खाली खोल बरामद हुए हैं। इसके अलावा साढ़े चार लाख रुपये की नकदी और करीब डेढ़ लाख रुपये मूल्य की विदेशी करेंसी के साथ कई सावधि जमा रसीद (एफडीआर) भी बरामद की हैं। कारतूस मिलने के बाद पुलिस ने पार्षद वीरेंद्र बिंदु और उसकी पत्नी मीनाक्षी शर्मा के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार प्रतिबंधित दवा तस्करी प्रकरण की जांच के लिए स्टेट सीआईडी ने इन दिनों गगरेट में डेरा जमाया हुआ है।
टीम रविवार सुबह 10:00 बजे एसआईटी ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट से सर्च वारंट लेकर वीरेंद्र बिंदु के घर की तलाशी के लिए पहुंची थी। सीआईडी की टीम ने जब घर की तलाशी शुरू की तो टीम 59 कारतूस देखकर हैरान रह गई। इस बारे में जब वीरेंद्र की पत्नी से पूछा गया तो वह कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाई। हैरत की बात है कि घर में बारह बोर की राइफल बरामद नहीं हुई है। तो फिर ये कारतूस कहां से आए और चले हुए दो कारतूस किस राइफल से चले, यह रहस्य अभी बरकरार है। स्टेट सीआईडी के डीएसपी शक्ति सिंह की ओर से इसकी सूचना गगरेट पुलिस थाना में देने पर मौके पर पहुंचे गगरेट पुलिस के एएसआई शशिपाल ने कारतूस कब्जे में लेकर पति-पत्नी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
उधर एसआईटी की अगुवाई कर रहे डीएसपी शक्ति सिंह के नेतृत्व में सब इंस्पेक्टर योगराज, हेड कांस्टेबल जोगिंदर सिंह, हेड कांस्टेबल पंकज कुमार, आरक्षी ऋषभ शर्मा की टीम ने घर की तलाशी के दौरान नकदी, विदेशी करेंसी, एफडीआर व एलआईसी की विभिन्न पॉलिसी भी कब्जे में ली हैं। स्टेट सीआईडी के डीएसपी शक्ति सिंह ने बताया कि बरामद किए गए कारतूस गगरेट पुलिस के हवाले किए गए हैं। गगरेट पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जबकि प्रतिबंधित दवा प्रकरण में उनकी टीम ने साढ़े चार लाख रुपये की नकदी व एक लाख चालीस हजार रुपये मूल्य की विदेशी करेंसी के साथ कुछ जरूरी कागजात कब्जे में लिए हैं।