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एचपीयू कर्मियों को ऑनलाइन मिलेगी सेलरी स्लिप

Mon, 30 Jul 2018 06:09 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के बारह सौ से अधिक शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी अब अपनी सेलरी की स्लिप ऑनलाइन डाउनलोड कर सकेंगे। कर्मचारियों का रिकार्ड विवि ने ऑनलाइन कर दिया है। इसकी शुरुआत कर पहले चरण में कर्मचारियों की सेलरी स्लिप और जीपीएफ तथा सीपीएफ को देखने और उसकी स्टेटमेंट को डाउलोड करने की सुविधा शुरू की है। सर्विस बुक भी जल्द ऑनलाइन कर दी जाएगी। इस पर भी काम शुरू हो चुका है।

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विश्वविद्यालय के शिक्षक और गैर शिक्षक कर्मचारी दिए गए लागइन से अलग से बनाए पोर्टल पे रोल एचपीयू शिमला के माध्यम से वेतन से संबंधित पूरी जानकारी ले सकते हैं। कुलपति से लेकर चतुर्थ श्रेणी कर्मी तक का पे रोल संबंधित पूरा ब्यौरा आनलाइन कर दिया है। विवि के ईआरपी एंटरप्राइज रिसोर्स प्लानिंग इंटीग्रेटिड यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट सिस्टम (आईयूएमएस) के तहत कर्मियों के रिकार्ड को आनलाइन करने की प्रक्रिया का पहला अहम कदम माना जा रहा। अगले चरण में हर कर्मचारी की पूरी सर्विस बुक को ऑनलाइन उपलब्ध करवाया जाएगा। यह कर्मचारियों का अपना निजी अकाउंट होगा।

आनलाइन डाउलोड कर सकते हैं सेलरी स्लिप
विवि के ईआरपी प्रोजेक्ट के मुखिया डॉ. मुकेश कुमार ने बताया कि सेलरी को आनलाइन कर दिया है। सभी कर्मियों को उनके मोबाइल नंबर पर उनका लाग इन और पासवर्ड दे दिया है। कर्मचारी पे रोल पोर्टल के माध्यम से उसमें अपना लाग इन पासवर्ड डाल कर सेलरी स्लिप और जीपीएफ/सीपीएफ के पूरे ब्यौरे को डाउनलोड कर सकते हैं। चतुर्थ श्रेणी कर्मियों को फिलहाल पुराने तरीके से सेलरी स्लिप दी जा रही है।
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1200 से अधिक कर्मियों को मिल रहा लाभ
विवि कर्मियों के वेतन और जीपीएफ/सीपीएफ को आनलाइन किए जाने पर 1200 शिक्षक तथा गैर शिक्षक कर्मियों को आनलाइन सुविधा का लाभ मिलना शुरू हो गया है। कर्मचारियों विवि के कंप्यूटर सेंटर में आकर अपना मोबाइल नंबर दर्ज करवाना होगा। इसके बाद इस नंबर पर कर्मचारियों को लॉगइन और पासवर्ड भेजा जाएगा। इसके बाद कर्मचारी payroll.hpushimla.in पोर्टल के माध्यम से दिए लागइन आईडी से वेतन सहित पूरी जानकारी देख सकते हैं। इसका लाभ एचपीयू कैंपस के 30 से अधिक विभागों, रिजनल सेंटर धर्मशाला, सेंटर फार इवनिंग स्टडीज के साथ विवि के अपने शिक्षण संस्थानों के समस्त कर्मी इस प्रोजेक्ट में शामिल किए जा रहे हैं।

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