भारत की जनवादी नौजवान सभा (डीवाईएफआई) ने शिमला पुलिस से नशा माफिया के खिलाफ बड़े स्तर पर कार्रवाई करने की मांग की है। सोमवार को डीवाईएफआई के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष एवं शिमला जिला संयोजक बलवीर पराशर की अगुवाई में डीएसपी शिमला के माध्यम से एसपी को ज्ञापन सौंपा।
पराशर ने बताया कि शहर के स्कूलों और ट्यूशन सेंटरों के आसपास खुलेआम नशे का कारोबार चल रहा है। शिमला में नशा तस्कर काफी संख्या में सक्रिय हैं। पुलिस कई छोटे ड्रग पैडलरों पकड़ भी चुकी है। लेकिन बड़े तस्कर अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं। पराशर का कहना है कि शहर में माफिया इस कदर पैर पसार चुका है कि युवाओं को आसानी से नशा मिल रहा है। वो नशे की गिरफ्त में पड़ रहे हैं और अपराध की दुनिया में शामिल हो रहे हैं।
डीवाईएफआई के शहरी सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि पहली अगस्त से डीवाईएफआई नशे के खिलाफ अभियान शुरू करेगी। इसमें युवाओं उनके अभिभावकों और शहर के आम लोगों को नशों के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक किया जाएगा। इस मौके पर डीवाईएफआई के जिला उपाध्यक्ष विकास थापटा, शहरी उपाध्यक्ष अशोक ठाकुर, विजय कुमार, अनिल कुमार, वीरेंद्र सिंह, बिंदू जोशी, सुनील और दिनेश सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
पुलिस से उठाई यह मांगें
नशा विरोधी दस्ते का गठन करे पुलिस
नोडल अधिकारी की देखरेख में काम करे यह दस्ता
संवेदनशील क्षेत्रों में की जाए 24 घंटे गश्त की व्यवस्था
नशा विरोधी दस्ते का हेल्पलाइन नंबर जारी किया जाए
शिक्षण संस्थानों, ट्यूशन सेंटरों के इर्द गिर्द बढ़ाई जाए निगरानी
सहयोग को गठित हो सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों की कमेटी
डीवाईएफआई को बनाया जाए कमेटी का सदस्य