पंचायती स्तर पर 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाए जाएंगे क्लस्टर, एक क्लस्टर में 125 लोगों का बनेगा समूह
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मंजूरी के लिए केंद्र सरकार को भेजा एक्शन प्लान
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। केंद्र सरकार की योजना राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती मिशन के तहत जिला शिमला में पंचायत स्तर पर 50 क्लस्टर बनाएं जाएंगे। इसके लिए 2,500 हेक्टेयर क्षेत्र निर्धारित किया है।
प्राकृतिक खेती विंग की ओर से बुधवार को क्लस्टर बनाने के लिए एक्शन प्लान केंद्र सरकार को भेज दिया है। मंजूरी मिलने के बाद इसी महीने से पंचायतों में क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस मिशन के तहत 50 हेक्टेयर भूमि का एक क्लस्टर बनेगा। प्रति क्लस्टर में कम से कम 125 लोगों का समूह बनाया जाएगा। इसमें किसानों को प्राकृतिक खेती करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस मिशन से प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती कर रहे लाखों किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलना सुनिश्चित होगा। प्रदेश में इस समय 2 लाख 8 हजार किसान-बागवान प्राकृतिक खेती कर रहे हैं। इस मिशन के तहत प्रदेश में 21 हजार 750 हेक्टेयर भूमि पर 435 क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। मिशन से प्राकृतिक खेती खुशहाल किसान योजना के तहत प्राकृतिक खेती कर रहे लाखों किसानों को सीधे तौर पर लाभ मिलना सुनिश्चित होगा। इसके अलावा किसानों को प्राकृतिक खेती के लिए आवश्यक उपकरणों और सामग्रियों की खरीद पर अनुदान भी दिया जाएगा। प्राकृतिक खेती से जैव विविधता में वृद्धि होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा। यह खेती पारंपरिक तरीकों पर आधारित होगी जिसमें स्थानीय संसाधनों का उपयोग किया जाएगा।
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कोट
बुधवार को क्लस्टरों का एक्शन प्लान सरकार को भेज दिया जाएगा। मंजूरी मिलते ही पंचायत स्तर पर क्लस्टर बनाने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। -मोहिंद्र भवानी, उपनिदेशक, प्राकृतिक खेती विंग शिमला