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टोल टैक्स बैरियर ठेकेदारों के पास सरकार के करोड़ों रूपये बकाया

Fri, 23 Dec 2016 10:38 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, तपोवन (कांगड़ा)
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प्रदेश भर के विभिन्न जिलों में स्थापित टोल टैक्स बैरियर के ठेकेदारों से सरकार को अभी 40 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि लेने को है। इसमें से कुछ ठेकेदार तो कोर्ट में भी चले गए हैं। आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने ऊना के विधायक
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सतपाल सिंह सत्ती के तारांकित प्रश्न के जवाब में बताया है कि प्रदेश में वर्तमान में 55 टोल टैक्स बैरियर हैं। इसमें 15 टोल टैक्स बैरियर सोलन, सिरमौर में 10, शिमला में एक, बिलासपुर में चार, चंबा में 11 और  ऊना में 14 बैरियर हैं। तीन सालों में इन बैरियरों को दो अरब 70 करोड़ चार लाख 54 हजार 516 रुपये में निलामी के माध्यम से आवंटित किया गया है।

तीन साल में 10 परियोजनाओं का हुआ काम शुरू
प्रदेश सरकार ने तीन सालों में 263 नई जल विद्युत परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। इसमें आवंटित परियोजनाओं में से किसी भी परियोजना पर निर्माण शुरू नहीं हुआ है, जबकि अब तक कुल आवंटित परियोजनाओं में से तीन सालों में 10 परियोजनाओं पर कार्य शुरू किया गया है।
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बहुउद्देशीय परियोजनाएं एवं ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने चुराह के विधायक हंसराज के विधानसभा सत्र के दौरान पूछे गए तारांकित प्रश्न के जवाब में बताया है कि पिछले तीन सालों में चंबा में 75 नई जल विद्युत परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। कांगड़ा में 49, किन्नौर 16, कुल्लू 57, लाहुल-स्पीति छह, मंडी 22, शिमला 30 और सिरमौर में आठ नई जल विद्युत परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। 

सीयू रजिस्ट्रार ने देहरा की भूमि की निशानदेही को भेजा पत्र
तपोवन (धर्मशाला)। केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम देहरा में हस्तांतरित की गई भूमि की निशानदेही करने को सीयू रजिस्ट्रार ने उपायुक्त कांगड़ा और एसडीएम देहरा को पत्र भेजा है। रजिस्ट्रार के 25 नवंबर को भेजे गए इस पत्र के माध्यम से उपायुक्त और एसडीएम को भूमि की निशानदेही करने का आग्रह किया गया है। 

देहरा के विधायक रविंद्र रवि और जसवां परागपुर के विधायक विक्रम सिंह के सदन में रखे तारांकित प्रश्न का मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने लिखित में जवाब दिया है। इसमें सीएम ने बताया कि भारत सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पत्र संख्या 27-

08-2015 के अनुसार भारत के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने देहरा में 81.7916 हेक्टेयर भूमि केंद्रीय विश्वविद्यालय हिमाचल प्रदेश के साउथ कैंपस को बनाने के लिए सैद्घांतिक तौर पर अनुमोदित की गई है। डीसी कांगड़ा से प्राप्त पत्र के अनुसार 25 अगस्त के माध्यम से सरकारी भूमि रकवा तादादी 34-55-62 हेक्टेयर देहरा में केंद्रीय विश्वविद्यालय के नाम हस्तांतरित कर दी गई है। 

मनरेगा में पेमेंट न मिलने की शिकायत आने पर होगी कार्रवाई      
पंचायती राज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि मनरेगा के तहत पूरी पेमेंट ऑनलाइन होती है। फिर भी यदि इस संबंध में कोई शिकायत आती है तो इस पर कार्रवाई की जाएगी। चौपाल विस के विधायक बलवीर सिंह के मौखिक प्रश्न के जवाब में मंत्री ने कहा कि चौपाल क्षेत्र में सभी विकास कार्य नियमित रूप से चल रहे हैं। 

बलवीर सिंह ने आरोप लगाया कि मनरेगा के तहत कामगारों की अकसर शिकायतें आतीं हैं कि उन्हें समय पर उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता। पैसों की बात को लेकर खंड विकास कार्यालय में जाएं तो वह कहते हैं कि पैसे उनके खाते में डाल दिए गए हैं, जबकि असल में ऐसा नहीं हुआ होता है। इसलिए मंत्री ब्लॉक लेबल पर होने वाले इस अपारदर्शिता को अपने स्तर पर देखें।

सीएम खेत संरक्षण के लिए बजट अनुपात 90:10 करने की तैयारी      
किसानों की खेती को जंगली और आवारा जानवरों से बचाने के लिए मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना के तहत किसानों को कम खर्च करना पड़ेगा। योजना को केंद्र सरकार के सहयोग से चलाने के लिए राज्य सरकार ने प्रस्ताव भेजा है। इसके अनुसार योजना के लिए केंद्र सरकार से 30 फीसदी की सहायता की मांग की गई है। 

कृषि एवं ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने बैजनाथ के विधायक किशोरी लाल के प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि वर्तमान में मुख्यमंत्री खेत संरक्षण योजना 60:40 के अनुपात में चलाई जा रही है। इसमें 60 फीसदी सरकार और 40 फीसदी किसान खर्च करते हैं। केंद्र सरकार से टाईअप होने पर यह अनुपात 90:10 हो जाएगा। ऐसे में किसानों पर पड़ने वाला बोझ कम होगा। 

टिलर के कारण बैलों को आवारा छोड़े जाने की समस्या पर कृषि मंत्री ने कहा कि टिलर बड़े ट्रैक्टरों के मुकाबले अच्छी खेती करता है। इससे बैलों का काम तो कम हुआ है। लेकिन, हम बैलों की समस्या को दूर करने के लिए टिलर से कार्य करना बंद नहीं कर सकते हैं। टिलर से हो रही समस्या का समाधान भी हमें स्वयं तलाशना पड़ेगा। बैलों और गाय को आवारा छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चहिए। 

1606 स्नातक दिव्यांगों को बेरोजगारी कौशल विकास भत्ता
तीन सालों में 1606 स्नातक दिव्यांगों को बेरोजगारी कौशल विकास भत्ता दिया गया है। योजना के तहत अब तक 104,40,25,854 करोड़ रुपये बांटे गए हैं। झंडूता के विधायक रिखी राम कौंडल के सदन में लिखित प्रश्न के जवाब में उद्योग मंत्री मुकेश अग्रिहोत्री ने बताया कि एक जनवरी 2013 से 31 अक्तूबर 2016 तक 104,40,25,854 करोड़ रुपये कौशल विकास भत्ता के तहत दिया है। इसमें जमा दो पास 335072, 112177 स्नातक और 1606 स्नातक दिव्यांगों को इसका लाभ दिया गया है। 

एम्स के लिए 228 एकड़ भूमि चयनित
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान भवन निर्माण के लिए बिलासपुर जिले के राजपुरा, नौवा और चंगर पलासियां गांव में 1229-07 बीघा (228 एकड़) भूमि का चयन किया है। नयनादेवी के विधायक रणधीर शर्मा के लिखित प्रश्न के जवाब में स्वास्थ्य मंत्री ठाकुर कौल सिंह ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश के लिए एक एम्स मंजूर किया है। संस्थान को चयनित की गई भूमि स्वास्थ्य विभाग के नाम प्रविष्ट है। 

हड़ताल के चलते कोई कर्मचारी नहीं किया टर्मिनेट      
एचआरटीसी कर्मचारियों ने इस साल हड़ताल के दौरान एक दर्जन मांगें सरकार के समक्ष रखीं थीं। धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह के लिखित प्रश्न पर परिवहन मंत्री जीएस बाली ने बताया कि कर्मचारियों की मांगों पर निगम ने उचित कदम उठाए हैं। इससे पहले भी पांच जून, 2012 में कर्मचारियों ने हड़ताल की थी।

इस दौरान एस्मा लागू नहीं किया था। न ही किसी कर्मचारी को सस्पेंड या टर्मिनेट किया। निगम कर्मचारियों से मोटर ट्रांसपोर्ट वर्क एक्ट 1961 की धारा (13) के तहत ओवरटाइम करवाया जाता है। संबंधित बोर्ड/निगम अपने नियमों के अनुसार निर्णय लेते हैं। इसमें जो कर्मचारी रविवार और छुट्टियों में ड्यूटी करते हैं, उन्हें नियमों के अनुसार लाभ दिया जाता है।

मंत्री ने बताया कि परिवहन कर्मचारी संयुक्त समन्वय समिति ने निगम को रोडवेज बनाने, निगम में भर्ती एवं पदोन्नति, वेतन विसंगति, ग्रेड-पे देने, लंबित देय राशि, बसों का इंश्योरेंस, जीपीएफ ट्रस्ट के दुरुपयोग संबंधी, टिकट लेने की जिम्मेवारी, निगम संपत्ति एवं अवैध कब्जे, निगम बसों में दी जा रही निशुल्क यात्रा सुविधा, अवैध बस संचालन पर रोक, कांफ्रेंस हाल और यातायात प्रबंधकों की तैनाती की मांगें रखीं थीं। 

2003 के बाद भर्ती कर्मचारियों को नहीं मिलेगी पेंशन      
राज्य में साल 2003 के बाद सरकारी नौकरी में भर्ती अधिकारियों और कर्मचारियों को सरकार पेंशन नहीं देगी। न ही सरकार इस पर कोई विचार कर रही है। चुराह के विधायक हंसराज और सरकाघाट के विधायक इंद्र सिंह के सदन में रखे प्रश्न के लिखित जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने बताया है कि सीपीएस के तहत कर्मचारियों के मूल वेतन जमा महंगाई भत्ता और प्रेक्टिसबंदी भत्ता (जहां देय हो) का 10 प्रतिशत भाग काटा जाता है। सरकार भी कर्मचारियों के अंशदान राशि के बराबर योगदान देती है। 

बागबानी विकास को विश्व बैंक से मिले 1134 करोड़
राज्य में भारत सरकार और विदेशों से बागबानी को सुदृढ़ करने के लिए कोई भी पैकेज नहीं मिला है। विश्व बैंक से वित्त पोषित बागबानी विकास परियोजना के कार्यान्वयन के लिए 1134 करोड़ की धनराशि स्वीकृत हुई है। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या

स्टोक्स ने धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह के अतारांकित प्रश्न के जवाब में बताया है कि 30 नवंबर तक उक्त परियोजना के तहत 829 लाख रुपये विभिन्न फलों के पौधे आयात करने को व्यय किए जा चुके हैं। परियोजना के तहत सेब, नाशपाती और चैरी के पौधे आयात किए हैं। सेब और नाशपाती का क्रय मूल्य 255, चैरी का 450 रुपये प्रति पौधा है। 

एक हजार पेयजल योजनाएं निजी हाथों में      
राज्य की करीब एक हजार पेयजल योजनाएं सरकार ने निजी हाथों में सौंपी हैं।  एक जनवरी 2013 से 30 नवंबर 2016 तक 967 पेयजल योजनाएं निजी क्षेत्र को संचालन के लिए वितरित की हैं। सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स ने धर्मपुर के विधायक महेंद्र सिंह अतारांकित प्रश्न के उत्तर में बताया है कि पेयजल योजनाओं को आवंटित करने के लिए ठेकेदारों के साथ एग्रीमेंट किया जाता है।

2013-14 में इन योजनाओं के माध्यम से 387 कुशल और 336 अकुशल लोगों को रोजगार दिया, जबकि 2014-15 में 493 कुशल और 377 अकुशल, 2015-16 में 605 कुशल और 569 अकुशल व्यक्तियों को रोजगार दिया। साल 2016-17 में 475 कुशल और 482 अकुशल लोगों को रोजगार दिया है। 

बाहरी राज्यों में ब्याही लड़कियों को मिल सकता है हिमाचली प्रमाण पत्र
प्रदेश से बाहर ब्याहीं लड़कियों को हिमाचली बोनोफाइड सर्टिफिकेट मिल सकता है। बाहरी राज्यों में ब्याही लड़कियों को आ रही परेशानियों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार इस पर विचार करेगी। शीत सत्र के दौरान ज्वालामुखी के विधायक संजय रत्न के प्रश्न का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने यह बात कही। 

संजय रत्न ने कहा कि वर्तमान कानूनों के तहत प्रदेश के स्थायी निवासी, प्रदेश में 20 वर्ष की अवधि से रह रहे और हिमाचल में स्थायी घर हो किंतु अपने व्यवसाय के कारण हिमाचल से बाहर हों ऐसे सभी  लोगों को हिमाचल सरकार बोनोफाइड प्रमाण पत्र देती है। लेकिन, हिमाचल से बाहर जब बेटियों की शादियां हो रही हैं, तो उनको न ही संबंधित राज्य बोनोफाइड प्रमाणपत्र देते हैं और हिमाचल से भी उनका नाम कट जाता है।

ऐसी लड़कियों के पास हिमाचली प्रमाण पत्र न होने से मायके से उनको मिलने वाले सभी अधिकारों से वंचित होना पड़ रहा है। विधायक ने कहा कि जब बाहरी राज्यों से हिमाचल ब्याह कर लाईं जाने वाली लड़कियों को हिमाचली प्रमाण पत्र मिल सकता है, तो हिमाचल में जन्मी लड़कियों को क्यों नहीं। 

नोटबंदी पर गरमाया सदन, कांग्रेस-भाजपा में तीखी बहस
शीत सत्र के चौथे दिन वीरवार को गैर सरकारी सदस्य दिवस पर सदन में भाजपा विधायक महेंद्र सिंह नोटबंदी पर संकल्प प्रस्ताव लाए। इस फैसले की सराहना करते हुए भाजपा विधायकों ने हिमाचल सरकार को इसे ठीक से लागू करने को कहा। वहीं, कांग्रेस ने इससे लोगों को हो रही असुविधा पर भाजपा को खूब खरी खोटी सुनाई।  करीब 12 बजे इस संकल्प प्रस्ताव पर शुरू हुई चर्चा भोजनावकाश के बाद साढ़े 4 बजे तक चली रही। आखिर में महेंद्र सिंह ने इस प्रस्ताव को वापस लेने से इनकार करते हुए इस पर वोटिंग करने के लिए कहा। इसके बाद यह प्रस्ताव गिर गया। 

महेंद्र सिंह ने नोटबंदी फैसले के लागू होने से काला धन और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की बात कही। जबकि, कांग्रेस विधायक आशा कुमारी ने पलटवार करते हुए कहा कि वह अपने संकल्प प्रस्ताव से ही भटक गए हैं। कांग्रेस विधायक राजेश धर्माणी ने कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी की ओर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ लगाए गए आरोपों का भी हवाला दे दिया, जिसका नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने कड़ा विरोध जताया। 

धूमल ने कहा कि राहुल गांधी की ओर से लगाए गए आरोप पहले ही उच्चतम न्यायालय में रिजेक्ट हो चुके हैं। उन्होंने मांग की कि इन आरोपों को सदन की कार्रवाई से हटाया जाए। डिप्टी स्पीकर ने इस मांग को मानने से मना कर दिया। धूमल ने कहा कि अगर उच्चतम न्यायालय की ओर से रिजेक्ट मामले को सदन में उठाया जाएगा तो भाजपा भी नेशनल हेराल्ड और आगस्ता वेस्टलैंड मामले को सदन में उठाएगी। 

महेंद्र सिंह ने कहा कि नोटबंदी से भारी मात्रा में काला धन बाहर आया। जबकि, पड़ोसी देश पाकिस्तान नोटबंदी को अपनाने में बाध्य हो गया है। आशा कुमारी ने कहा कि महेेंद्र सिंह ने प्रस्ताव के संबंध कुछ भी नहीं कहा। नोटबंदी के बाद प्रदेश में लोगों को हो रही असुविधा के चलते प्रदेश सरकार ने दुर्गम इलाकों में नई करेंसी पहुंचाने के लिए अपना चौपर लगा दिया था। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा उठाया गया यह कदम पूरे देश में लागू होता है। 

नोटबंदी के बाद पुलिस की नाकाबंदी के दौरान जिला मंडी और चंबा में लाखों रुपये के पुराने नोटों की राशि पकड़ी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटबंदी के कारण किसानों, व्यापारियों तथा आम जनता को भारी परेशानी हो रही है जिनसे निपटने के लिए प्रदेश सरकार ने कई अहम कदम उठाए हैं। चर्चा के दौरान जगजीवन पाल, इंद्र दत्त लखनपाल, सतपाल सत्ती, गोबिंद राम, गोबिंद ठाकुर, कर्नल इंद्र सिंह सहित अन्य सदस्यों ने हिस्सा लिया।
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