खनियारा में बादल फटने से तबाही।
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हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला के समीप खनियारा में बादल फटने से अचानक आई बाढ़ के एक दिन बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने शनिवार को इलाके का दौरा किया। क्षेत्र में शुक्रवार को हुई भारी बारिश में कई घर और दुकानें तबाह हो गई थीं इसके अलावा, 15 घर और तीन दुकानें आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं, क्षेत्र में 45 भेड़ और बकरियां भी बाढ़ आने के बाद लापता है। कांगड़ा के उपायुक्त निपुण जिंदल ने शनिवार सुबह पुलिस अधीक्षक कुशाल शर्मा के साथ खनियारा का दौरा किया। जिंदल ने राहत कर्मियों को भारी बारिश से प्रभावित लोगों के पुनर्वास में तेजी लाने के निर्देश दिए ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
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कहा कि शुक्रवार को भारी बारिश से नुकसान की सूचना मिलने के बाद एसडीआरएफ का बचाव दल पांच मिनट के भीतर मौके के लिए रवाना हो गया था। क्षेत्र में राहत कार्य करने के लिए तहसीलदार अपूर्व शर्मा के नेतृत्व में एक टीम भी मौके पर भेजी गई। जिंदल ने कहा कि बारिश से हुए नुकसान की समीक्षा की जा रही है और जिला प्रशासन की ओर से प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि प्रभावित परिवारों को किसी तरह की परेशानी न हो। उन्होंने कहा कि जिला और उप जिला स्तर पर आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष स्थापित किए गए हैं ताकि किसी आपदा की सूचना मिलने के तुरंत बाद राहत और पुनर्वास कार्य किया जा सके।
भारी बारिश ने मचाई थी तबाही
शुक्रवार को हुई भारी बारिश के कारण खनियारा गांव में एक नाला का जल स्तर बढ़ गया था, जिससे मुख्य बाजार में निजी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा। नाग मंदिर मार्ग पर घरों और दुकानों में कीचड़ घुस गया और एक छोटा पुल बह गया, जिससे धर्मशाला-सिद्धवाड़ी मार्ग पर यातायात प्रभावित हुआ। अचानक आई बाढ़ में कुछ वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए।
मुख्यमंत्री ने किया बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खनियारा में बाढ़ प्रभावित क्षेत्र का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि शुक्रवार को खनियारा में बड़ा हादसा हुआ है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश से लोगों के घरों और दुकानों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। साथ ही लोगों के घरों में भी मलबा पहुंच गया है, जबकि कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि प्रभावितों को प्रशासन और सरकार की ओर से हरसंभव मदद दी जा रही है। उन्होंने बताया कि मौके पर सात जेसीबी की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है, जबकि बिजली बोर्ड के कर्मचारी भी बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस बार बरसात में प्रदेश भर में काफी नुकसान हुआ है।