नगर निगम की मासिक बैठक में एमसी के एक अधिकारी की वायरल हुई आडियो क्लिप पर जमकर बवाल हुआ। कई भाजपा पार्षदों ने सदन की गरिमा तक का ध्यान नहीं रखा। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि सदन स्थगित कर देना पड़ा।
सदन में भाजपा पार्षद आरती चौहान ने अफसर की ऑडियो क्लिप वायरल होने का मामला उठाया। मांग रखी कि अधिकारी के खिलाफ जांच हो और उनका तबादला किया जाए। आरती ने दावा किया कि उनके पास यह ऑडियो है जिसमें मेयर और आयुक्त के खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की गई हैं। आरोप लगाया कि यह अधिकारी निगम से दगाबाजी कर बाहर के लोगों की मदद कर रहे हैं। बाद में सभी पार्षदों ने भी मामले की जांच करवाने और अधिकारी को हटाने का प्रस्ताव पारित कर दिया।
इसी बीच डिप्टी मेयर राकेश शर्मा ने कहा कि अधिकारी को पक्ष रखने का मौका मिलना चाहिए कि इस पर आरती चौहान भड़क गई। कहा कि डिप्टी मेयर अफसर का बचाव कर रहे हैं। डिप्टी मेयर भी गुस्सा हो गए और तू-तू मैं-मैं शुरू हो गई। डिप्टी मेयर के तू शब्द कहने पर आरती भड़क गई और डिप्टी मेयर पर झपट गई। कहा कि मुझसे तमीज से बात करें। डिप्टी मेयर बोले कि मुझे हर बार बात कहने से टोका जाता है। ऐसा नहीं चलेगा। स्थिति धक्कामुक्की तक पहुंच गई। बाकी पार्षदों नेे दोनों को किसी तरह अलग किया। बवाल होता देख मेयर ने 3:15 बजे सदन स्थगित कर दिया।
पार्षदों ने सुनी ऑडियो
इससे पहले निगम कर्मचारियों ने अधिकारी के खिलाफ पार्षदों और मीडिया को अपने ज्ञापन दिए। कई पार्षदों को ऑडियो भी सुना दी। कर्मचारी अधिकारी पर सीक्रेसी लीक करने का आरोप लगा रहे हैं। हालांकि, संबंधित अधिकारी निजी कारणों से बैठक में नहीं पहुंच पाए। पार्षद उनकी गैर मौजूदगी पर भी सवाल उठाते रहे।