शहर में नगर निगम की दुकानों का किराया बढ़ाने के फैसले पर भाजपा ने यू टर्न ले लिया है। बुधवार को मासिक बैठक में मेयर समेत भाजपा पार्षदों के सुर बदले-बदले नजर आए। नियमों के खिलाफ जाकर यह सभी अपने ही फैसले को बदलने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने लगे। सूत्रों के अनुसार दोपहर के समय स्थानीय विधायक एवं शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज के साथ भी आयुक्त कार्यालय में मेयर-डिप्टी मेयर और कुछ पार्षदों ने इस मुद्दे पर मंत्रणा की।
आयुक्त पंकज राय की गैर मौजूदगी में ढाई बजे जैसे ही सदन शुरू हुआ लोअर बाजार पार्षद इंद्रजीत सिंह ने किराये का मुद्दा उठा दिया। मेयर कुसुम सदरेट समेत सभी भाजपा पार्षद भी दिसंबर में बढ़ाए किराये को रिव्यू करवाने पर अड़ गए। कांग्रेसी पार्षदों ने इसका विरोध किया। मेयर ने संयुक्त आयुक्त विकास सूद पर दबाव बनाया कि फैसले के मिनिट्स मंजूर न किए जाएं, इसका रिव्यू हो। लेकिन विकास सूद ने नियम बताते हुए कहा कि छह माह से पहले फैसला नहीं बदला जा सकता।
उधर, कांग्रेसी पार्षद राकेश चौहान, दिवाकर शर्मा, सिमी नंदा और माकपा की शैली शर्मा ने कहा कि पिछली बैठक में खुद भाजपाई पार्षदों ने रेट बढ़ाए थे। अब अचानक इसे टालने की बात कह रहे हैं। कहा कि ऐसा नहीं चलेगा। मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के कई पार्षद भी आपस में उलझ गए। बाद में फैसला लिया कि इस फैसले के मिनिट्स अगली बैठक में मंजूरी को लाए जाएं।
एमसी में हार्न नॉट ओके, मेयर बजा रहीं हूटर
सदन में हार्न नॉट ओके अभियान अपनाने का प्रस्ताव भी आया। इस पर कांग्रेसी पार्षदों ने तंज कसते हुए कहा कि पार्षद हार्न न बजाएं और मेयर आजकल हूटर बजा रही हैं। कहा कि पहले मेयर खुद पर कानून लागू करें तब दूसरों को शिक्षा दें।