हिमाचल प्रदेश में चुनाव प्रचार में प्रलोभन का खेल जबर्दस्त तरीके से चल रहा है। राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की ओर से मतदाताओं को लुभाने के लिए जमकर धन और शराब की बोतलें बांटी गई।
इसका अंदाजा ऐसे लगाया जा सकता है कि निर्वाचन आयोग की तमाम सख्ती के बावजूद प्रदेश में तीन करोड़ की रकम और शराब की बोतलें बरामद की गई है।
इसके अलावा राज्य में बड़े पैमाने पर प्रलोभन देने की गतिविधियों से निर्वाचन मशीनरी की आंखें ओझल रही।
1.23 करोड़ की बरामद हुई शराब
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश पुलिस की ओर से सबसे अधिक 1.23 करोड़ रुपये कीमत की शराब की बोतलें और कैश की बरामदगी की गई है।
निर्वाचन की ओर से गठित उड़न दस्ते की ओर से 49 लाख रुपये कीमत की शराब बोतलें और कैश पकड़ा गया। इसमें से 42 लाख रुपये नगद, जबकि सात लाख रुपये की शराब शामिल है। इसी प्रकार निर्वाचन की ओर से ही गठित सांख्यिकी टीम ने 86.19 लाख रुपये की शराब और 32 लाख रुपये कैश बरामद किया है।
इन सभी मामलों में निर्वाचन मशीनरी की ओर से प्रदेश भर में 430 मुकदमे पुलिस थानों में दर्ज कराए गए है। ये तो वे आंकड़े है, जिसे मशीनरी ने पकड़ा है। इसके अलावा बड़े पैमाने पर निर्वाचन मशीनरी कैश या शराब की बोतलें पकड़ पाने में नाकाम रही है।
अंतिम दिन भी होगा खेल
चुनाव प्रचार खत्म हो गया। मंगलवार को आखिरी दिन है। इस दिन प्रत्याशियों की ओर से हर हथकंडे अपनाए जा सकते है। वे मतदाताओं को लुभाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।
वहीं, हमीरपुर में पर्ची के मदद से प्रत्याशियों ने खूब शराब की बोतलें बांटी। इसका खुलासा अमर उजाला ने किया। इस मामले में निर्वाचन की ओर से महज लीपापोती करने का काम किया गया। निर्वाचन की ओर से कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे प्रत्याशियों या शराब माफिया में दहशत का माहौल कायम हो सके।
निवार्चन अधिकारी नरेंद्र चौहान का कहना है कि जहां तक संभव हुआ, वहां तक सख्त कार्रवाई करने का निर्देश जारी किया गया है। इस सच से इनकार नहीं किया जा सकता है कि कुछ क्षेत्रों में चोरी छुपे प्रलोभन का खेल किया गया, जिससे टीमें नहीं पकड़ पाई।