हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले के बागवानों पर गर्म मौसम की भारी मार पड़ने लगी है। कुल्लू जिले में तापमान चढ़ने के चलते बागवानों के 35,000 सेब के पौधे सूख गए। इससे बागवानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। लाखों रुपये खर्च कर बागवानों ने बगीचों में नई पौध तैयार की थी। पारा चढ़ने के कारण बगीचों में नमी न रहने से एक से तीन साल तक के सेब के पौधे सूख गए। जिले में बागवानी विभाग की अप्रैल की रिपोर्ट में सेब के हजारों पौधे सूखने का खुलासा हुआ है। विभाग के पास सेब के पौधों के मुरझाने की शिकायतें आ रही थीं। इसके बाद विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने बगीचों में जाकर रिपोर्ट तैयार की। इसमें पता चला कि एक से तीन साल के पौधे सूख गए हैं। बागवानों ने 100 से 300 रुपये प्रति पौधे की खरीद विभाग और निजी नर्सरियों से की थी।
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सूख रहे सेब के पौधों को बचाने के लिए बागवानों को सिंचाई करनी होगी। जहां पानी की व्यवस्था है, वहां सिंचाई की जा सकती है। अगर सिंचाई की सुविधा नहीं है तो बागवान पौधों के आसपास घास डालकर रखें, ताकि नमी बनी रहे। -बीएम चौहान, उपनिदेशक, बागवानी विभाग