सीएम जयराम ठाकुर से मिलते नरेंद्र बरागटा
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हिमाचल में कर्फ्यू के दौरान किसानों-बागवानों को पौध संरक्षण सामग्री उपलब्ध करवाने के लिए 300 पौध संरक्षण केंद्र खुले रहेंगे। केंद्र से स्प्रे तेल, फफूंदनाशक, कीटनाशक और उर्वरक सहित विभिन्न आवश्यक दवाइयां दी जाएंगी। कर्फ्यू के दौरान बागवानों को हो रही समस्या को लेकर मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा शनिवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिले। इसके बाद मुख्यमंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर बागवानों को राहत देने के लिए यह कदम उठाया है।
बरागटा ने बताया कि प्रदेश में 300 पौध संरक्षण केंद्र कर्फ्यू के दौरान खुले रहेंगे। बागवानों की सुविधा के लिए उर्वरकों और स्प्रे तेल की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित बनाई जाएगी। सेब बगीचों के लिए इन दिनों उर्वरकों की आवश्यकता है। इसलिए ऊपरी शिमला के लिए इन सामग्रियों की आपूर्ति करने वाले वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित नहीं की जाए। उन्होंने कहा कि बडैवघाट, देवरीघाट में एंटी हेलगनों में इस्तेमाल होने वाले सिलिंडरों की आपूर्ति करने की भी स्वीकृति दी जाएगी।
जिन लोगों ने एंटी हेलगन निजी तौर पर लगाई हुई, उन्हें भी गन चलाने के लिए सिलिंडर मुहैया करवाए जाएंगे। मधुमक्खी पालन से जुड़े लोगों की सुविधा को भी कदम उठाए गए हैं। सेब सीजन को ध्यान में रखते हुए पड़ोसी राज्यों से मधुमक्खी बक्सों के परिवहन के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सेब और सब्जियों के लिए किसानों को एंटी हेलनेट उपलब्ध करवाने का आग्रह भी मुख्यमंत्री से किया गया है।
बैठक में मुख्य सचिव अनिल खाची, अतिरिक्त मुख्य सचिव मनोज कुमार व आरडी धीमान, पुलिस महानिदेशक एसआर मरडी, प्रधान सचिव जेसी शर्मा और सचिव देवेश कुमार भी बैठक में उपस्थित थे।