हिमाचल में 74 गांवों को इसी वर्ष सिग्नल की सुविधा से जोड़ा जाएगा। शेष 202 गांवों में से 84 को क्रमबद्ध तरीके से कनेक्टिविटी दी जाएगी। 118 गांवों के लिए आने वाले दिनों में योजना तैयार की जाएगी। गुरुवार को राजधानी शिमला पहुंचे टेलीकॉम रेगुलेटरी अथारिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के अध्यक्ष डॉ. पीडी बघेला ने प्रदेश में मजबूत दूरसंचार नेटवर्क के लिए मुख्य सचिव राम सुभग सिंह के साथ बैठक की।
हिमाचल प्रदेश के 276 गांव आज भी मोबाइल फोन सिग्नल से महरूम हैं। दूरसंचार मंत्रालय के सर्वे में यह खुलासा हुआ है। 74 गांवों को इसी वर्ष सिग्नल की सुविधा से जोड़ा जाएगा। शेष 202 गांवों में से 84 को क्रमबद्ध तरीके से कनेक्टिविटी दी जाएगी। 118 गांवों के लिए आने वाले दिनों में योजना तैयार की जाएगी।
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गुरुवार को राजधानी शिमला पहुंचे टेलीकॉम रेगुलेटरी अथारिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के अध्यक्ष डॉ. पीडी बघेला ने प्रदेश में मजबूत दूरसंचार नेटवर्क के लिए मुख्य सचिव राम सुभग सिंह के साथ बैठक की। उन्होंने भारत सरकार की ओर से प्रदेश को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। शुक्रवार को अध्यक्ष डॉ. बघेला कुल्लू और मनाली के दौरे पर रहेंगे।
ट्राई के अधिकारियों की ओर से शुक्रवार को प्रदेश सरकार को बताया गया कि दूरसंचार मंत्रालय के सर्वे में बताया गया है कि 276 गांव अभी भी मोबाइल सिग्नल से जुड़े नहीं हैं। 74 गांवों में जल्द सिग्नल की सुविधा दी जाएगी। इसकी प्रक्रिया अंतिम चरण में है। शेष 202 गांवों में से 84 गांवों को क्रमबद्ध तरीके से जोड़ा जाएगा।
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118 गांवों के लिए जल्द योजना बनाई जाएगी। इसके लिए सर्विस प्रोवाइडर और प्रदेश सरकार से चर्चा की जाएगी। ट्राई के अध्यक्ष ने वीरवार को राजधानी शिमला में सर्विस प्रोवाइडर कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर समस्याओं को जाना। बैठक में प्रदेश सरकार के कई अधिकारी मौजूद रहे।
3000 से अधिक पंचायतों में पहुंचेगी आप्टिकल फाइबर
प्रदेश की तीन हजार से अधिक पंचायतों को भारत नेट की ऑप्टिकल फाइबर से जोड़ा जाएगा। फेज टू में इन पंचायतों को ई गवर्नेंस, ई स्वास्थ्य, ई शिक्षा, ई बैंकिंग, इंटरनेट और अन्य सेवाओं के वितरण के लिए सुगम बनाया जाएगा। फेज वन के तहत प्रदेश की 252 ग्राम पंचायतों और छह ब्लॉक मुख्यालयों का इसके लिए चयन किया गया था। इनमें 240 पंचायतों में सुविधा दे दी गई है। शेष 18 पंचायतों का मामला भारत सरकार के विचाराधीन है। भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड (बीबीएनएल) की ओर से यह सुविधा दी जाएगी।