जुर्माने की राशि भी करोड़ों में हो सकती है। गौरतलब है कि बीते 8 अक्तूबर को टैक्स ऑडिट यूनिट की छह टीमों ने मंडी, ऊना, नगरोटा, बैजनाथ, हमीरपुर और नूरपुर में छापामारी की थी।
संयुक्त आयुक्त राज्यकर एवं आबकारी टैक्स ऑडिट यूनिट शिमला डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि जुर्माना भी करोड़ों में होगा। इसका आकलन किया जा रहा है। कारोबारी के दस्तावेजों की पड़ताल में सामने आया है कि उसने ऐसी ही कर चोरी अपनी दो अन्य कंपनियों में भी की है।
ये दोनों कंपनियां ऊना जिले में पंजीकृृत थीं। इनमें एक कंपनी विदेशी कारों की बिक्री करती थी, जबकि दूसरा सरसों के तेल निर्माण का अति आधुनिक उद्योग था। इसलिए टैक्स ऑडिट यूनिट ने दोनों कंपनियों का भी निरीक्षण किया है।
हिमाचल जैसे छोटे जिले में डीलर ने करीब नब्बे करोड़ का टर्नओवर एक ही साल में कर दिया। इसके लिए कार मैन्युफेक्चरर्स ने उसे प्रशंसा पत्र से भी नवाजा। उसी साल इस टर्नओवर को आधा दर्शाकर टैक्स की अदायगी की गई। कुल मिलाकर यह सामने आया कि कारोबारी ने तीनों कंपनियों की विभिन्न शाखाओं में अपनी बिक्री का 144 करोड़ का टर्नओवर विभाग से छुपाया था। उस पर वैट अदा नहीं किया था।
टीम में ये रहे शामिल
टैक्स ऑडिट यूनिट की निरीक्षण टीम में दक्षिणी प्रवर्तन क्षेत्र के अधिकारी विनय कुमार, नित्यानंद शर्मा, शशिकांत शर्मा, रीमा सूद, भूपिंद्र सिंह, रुपिंदर सिंह, विनीत शर्मा, ध्यान सिंह, मनोज सचदेवा, सुरजीत सिंह, करनैल सिंह, किरण शर्मा, ईश्वर सिंह, बिंदु बख्शी, चतर सिंह और तरसेम शर्मा शामिल रहे। इसके अतिरिक्त राजस्व जिला बद्दी से अमरनाथ गौतम, अजय, दीपचंद और राजेश भी निरीक्षण दल में शामिल रहे।