उन्होंने कहा कि मंदिर की महत्ता काफी है। भारत के विभिन्न हिस्सों से लोग रामायण महाभारत कालीन मंदिर के दर्शन करते आते हैं। उन्होंने आशंका जाहिर की है कि बर्फबारी या भूकंप के हल्के से झटके से मंदिर का नुकसान हो सकता है।
समय रहते यदि मंदिर की दशा सुधारी नहीं गई तो मंदिर में बनी रामायण की कलाकृतियां भी धूमिल हो जाएंगी। इसलिए मंदिर के जीर्णोद्धार के संबंध में आवश्यक कार्यवाही अमल में लाना जरूरी है।
उदयपुर स्थित माता मृकुला मंदिर अति प्राचीन मंदिर है। मंदिर के अंदर और बाहर का निर्माण पूरी काष्ठ शैली में हुआ है। यह लाहौल-स्पीति के 14 कोठी का मंदिर है। जो द्वापर युग का बना है। मंदिर को नुकसान होने पर दुर्लभ काष्ठ शैली नष्ट हो सकती है।