सीएम जयराम ने नाबार्ड के सेमिनार की अध्यक्षता की।
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किसान आंदोलन के बीच नाबार्ड ने हिमाचल प्रदेश को 27,724 करोड़ का कर्ज देने की पेशकश की है। किसान आंदोलन के बीच नाबार्ड ने यह संभावना व्यक्त की है। नाबार्ड अगले साल सरकार को 1866 करोड़ रुपये बढ़ा हुआ कर्ज देगा। यह बात मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने नाबार्ड के क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से ‘किसानों की आय बढ़ाने के लिए कृषि उपज का समूहन’ विषय पर नाबार्ड स्टेट क्रेडिट सेमिनार 2021-22 की अध्यक्षता करते हुए कही। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की जरूरतें पूरा करने के लिए कृषि नीति लाने पर विचार कर रही है। सीएम ने कहा है कि राज्य में प्राथमिक क्षेत्रों के लिए वर्ष 2021-22 के दौरान नाबार्ड की ओर से 27,724.04 करोड़ रुपये की अनुमानित ऋण क्षमता है। यह गत वर्ष 25857.26 करोड़ रुपये की क्षमता में 7.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्शाता है।
नाबार्ड को कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करते हुए काम करना चाहिए, जिससे ग्रामीण आर्थिकी सुदृढ़ हो। सीएम ने नाबार्ड स्टेट फोकस पेपर-2021-22 और ‘वेरियस रिफाइनेंस स्कीम ऑफ नाबार्ड’ पर आधारित पुस्तिका भी जारी की। मुख्यमंत्री ने आशा व्यक्त की है कि ‘द स्टेट फोकस पेपर’ विकास के लिए धन आवंटन को प्राथमिकता देने के लिए सरकार और बैंकर्ज की तरफ से ऋण और बुनियादी ढांचे की योजना तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा। राज्य को अब तक आरआईडीएफ के तहत 8679.28 करोड़ की संचयी मदद मंजूर हुई है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि बैंक सभी पात्र किसानों को उनकी जरूरत के अनुसार ऋण सुविधा उपलब्ध करवाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड जारी करें। पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि नाबार्ड का पेपर राज्य के बैंकों के लिए एसएलबीसी, अग्रणी बैंकों की ओर से वार्षिक ऋण योजना 2021-22 तैयार करने का आधार बनेगा।
सीएम ने इन संस्थाओं को सम्मानित किया
मुख्यमंत्री ने पांच किसान संगठनों, विजेश्वरी एग्रो मार्केटिंग कॉआपरेटिव सोसायटी सिरमौर, शिवम मिल्क प्रोड्यूसर कोआपरेटिव सोसायटी नालागढ़, मणिमहेश किसान उत्पादक कोआपरेटिव सोसायटी भरमौर, सब्जी उत्पादक कोऑपरेटिव सोसायटी करसोग और हिम ग्रामीण कृषि उत्पादक एवं मार्केटिंग कोऑपरेटिव सोसायटी धनाली कुल्लू को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पुरस्कृत किया।