आईजीएमसी में कुछ कर्मियों को मिल चुके हैं बर्खास्तगी पत्र, अन्य को भी हटाने की तैैयारी में कंपनी
संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) में कोरोनाकाल में आउटसोर्स पर रखे कर्मचारियों को हटाने का काम शुरू हो गया है।
यह कर्मचारी कोरोनाकाल में कुछ समय के लिए रखे थे। बाद में सरकार ने इनका कार्यकाल बढ़ाया था। अब इन्हें हटाने के काम शुरू हो चुका है। आईजीएमसी में डाटा एंटी ऑपरेटर, स्टाफ नर्स, सुरक्षा, वार्ड बॉय की तैनाती कोरोनाकाल के दौरान की थी। इनकी संख्या करीब 250 है। अब इन्हें कंपनी की ओर से बर्खास्त करने के पत्र मिलना शुरू हो गए हैं। इस वजह से इनकी परेशानी भी बढ़ना शुरू हो गई है। कर्मचारियों का कहना है कि सेवा विस्तार की अवधि पूरी होने के बाद उन्हें परिवार पालना मुश्किल हो जाएगा। अब नौकरी कहां ढूंढे यह भी इनके सामने बड़ा सवाल है। आईजीएमसी प्रबंधन का कहना है कि आउटसोर्स कर्मियों के लिए किसी तरह के निर्देश सरकार की ओर से नहीं आए हैं। हिमाचल प्रदेश स्वास्थ्य आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष कमलजीत डोगरा ने बताया कि इस बारे में दो दिन के भीतर सरकार से बात की जाएगी जिससे कर्मियों को परेशानी पेश न आएं।
ड्यूटी पर नहीं आ रहे कर्मी, मरीज हो रहे परेशान
शिमला। दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में कोरोनाकाल में आउटसोर्स के तहत रखे कर्मी अब ड्यूटी पर नहीं आ रहे। इस कारण अस्पताल में काम प्रभावित होने लगा है।
आलम यह है कि डीडीयू अस्पताल में सैैकड़ों कर्मी दो दिन से छुट्टी पर हैं। इस वजह से अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। डीडीयू अस्पताल में सबसे ज्यादा परेशानी आपातकालीन विभाग में पेश आ रही हैं। यहां पर रोजाना 50 से अधिक मरीज उपचार के लिए आते हैं। ऐसे में मरीजों के ड्रिप लगाने, बीपी जांच समेत अन्य कार्य नर्सें करती हैं लेकिन दो दिन से इनके यहां न होने से परेशानी बढ़ रही है। इसके अलावा दूसरी ओर यहां पर चतुर्थ श्रेणी कर्मी भी ड्यूटी पर नहीं हैं। इस वजह से अस्पताल में दिनभर परेशानी का सामना करना पड़ा।
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