हिमाचल प्रदेश के सभी पुलिस थानों में महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध यौन अपराधों का एक नया रजिस्टर नंबर 26 शुरू किया गया है। इसमें अभी तक 4,028 यौन अपराधियों की सूचना दर्ज की गई है। इन यौन अपराधियों के विश्लेषण से 24 ऐसे अपराधी भी पाए गए हैं, जो बार-बार महिलाओं के विरुद्ध अपराध करने में संलिप्त रहे हैं। पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू ने सभी जिला पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिए हैं कि ऐसे अपराधियों की जमानत रद्द करवाने को संबंधित अदालतों से मामला उठाया जाए ताकि उनकी जमानत रद्द कराई जा सके। ऐसे आरोपी इस प्रकार के अपराधों को दोबारा अंजाम न दे सके।
पुलिस महानिदेशक के निर्देशानुसार 1 सितंबर से महिलाओं के विरुद्ध यौन अपराधों में संलिप्त अपराधियों के पुराने रिकॉर्ड के विश्लेषण से कई तथ्य सामने आ रहे हैं। विश्लेषण से पाया गया कि जिला कांगड़ा के सिद्धपुर गांव का रहने वाला 40 वर्षीय अजय कुमार पुत्र खोजो राम के खिलाफ महिलाओं के यौन उत्पीड़न के 25 मामले पंजीकृत किए गए हैं। उसके विरुद्ध ये मामले जिला कांगड़ा के अतिरिक्त जिला चंबा, मंडी, शिमला, सिरमौर, बिलासपुर, हमीरपुर और सोलन में भी पंजीकृत हुए हैं।
उसके विरुद्ध पहला अभियोग वर्ष 2007 में थाना कांगड़ा में पंजीकृत हुआ था। इसके बाद वर्ष 2012 में एक, 2013 में चार, 2014 में दो, 2015 में नौ, 2017 में दो, 2018 में तीन, वर्ष 2021 में दो और साल 2022 में एक मामला पंजीकृत किया है। वर्तमान में यह अपराधी एक अभियोग में कांगड़ा जिला की जेल में न्यायिक हिरासत पर है। पुलिस मुख्यालय के आंकड़ों के अनुसार ऐसा ही एक अन्य मामला चंबा की चुराह तहसील में सानने आया है। भुन्देरी गांव निवासी दीप उर्फ बिट्टू पुत्र लेखराज महिलाओं के यौन उत्पीड़न के पांच मामलों में संलिप्त पाया गया है। ये सभी अभियोग थाना तीसा में वर्ष 2015 से 2022 के दौरान पंजीकृत हैं। वर्तमान समय में यह अपराधी न्यायिक हिरासत में चंबा जेल में है।