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भारतीय सेना का हिस्सा बने 229 गोरखा जवान, सुबाथू में हुई दीक्षांत परेड

Sat, 27 Jul 2019 08:02 PM IST
Krishan Singh न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोलन
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- फोटो : अमर उजाला
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कड़े परिश्रम के बाद 229 गोरखा जवान भारतीय सेना का अभिन्न अंग बन गए। शनिवार को सुबाथू के ऐतिहासिक सलारिया स्टेडियम में कोर्स-139 की दीक्षांत परेड हुई। 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र के कमांडेंट ब्रिगेडियर एचएस संधू सेना मेडल ने जवानों से आह्वान किया कि वे किसी भी चुनौती का सामना करने को हर वक्त तैयार रहें।

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ब्रिगेडियर संधू ने दीक्षांत परेड का निरीक्षण और सलामी लेने के बाद भारतीय सेना में शामिल हुए 229 जवानों और उनके परिजनों को संबोधित किया। कहा कि 42 सप्ताह के कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद 229 जवान भारतीय सेना का अभिन्न अंग बन गए। कहा कि भारतीय सेना के गौरवमयी इतिहास को कायम रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

वह जिंदगी के नए दौर में प्रवेश कर रहे हैं, इसके लिए आवश्यक है कि ली गई शपथ के अनुसार वह अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन करें। उन्होंने 42 सप्ताह के कठिन सैन्य प्रशिक्षण के बाद भारतीय सेना में शामिल हुए 229 जवानों और उनके परिजनों को बधाई दी। इससे पहले सलारिया स्टेडियम में उस वक्त खामोशी छा गई, जब तिरंगे और लाल रंग के कपड़े में गीता को लिए निशान रक्षक टोली ने दाहिने द्वार से स्टेडियम में प्रवेश किया। 

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229 जवानों ने ली शपथ

इन जवानों को किया सम्मानित - फोटो : अमर उजाला
जवानों को प्रशिक्षण केंद्र के धर्मगुरु पंडित रामबनी पाठक ने शपथ दिलाई। प्रशिक्षण के दौरान विभिन्न क्षेत्रों जैसे रण कौशल, शिक्षा, फायरिंग बाह्य व आंतरिक विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जवानों को पुरस्कृत किया गया। झलक गुरुंग को सर्वश्रेष्ठ रेक्रूट का खिताब दिया गया। उन्हें खुखरी (चांदी की) भेंट की गई।  ड्रिल में बेस्ट सम्राट छेत्री को मेडल देकर सम्मानित किया गया।

पीटी में अशोक राणा को नवाजा गया। बेस्ट बेनेट फाइटर में गिरी बहादुर शारू, बेस्ट इंडोरम में बुद्धि लिंबू, बेस्ट राइफल फायरर में संतोष राणा को सम्मानित किया गया। बेस्ट एकेडमिक में राम चंद्र सुनार व बेस्ट एलएमजी फायरिंग में रोशन थापा को नवाजा गया। 14 गोरखा प्रशिक्षण केंद्र के बैंड की मधुर धुनों और खुखरी नृत्य का भी लोगों ने आनंद उठाया। नेपाल और देश के विभिन्न भागों से आए जवानों के परिजन स्वयं को बेहद गौरवान्वित महसूस कर रहे थे। 
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