शव को वहीं छोड़ अन्य नेपाली पैदल चार दिन बाद लाहौल के दारचा गांव पहुंचे। यहां उन्हें रेस्क्यू टीम के सदस्य जिप सदस्य तंजिन कारपा, विजय, मनु व संजय मिले। इसके बाद 12 नेपाली मजदूरों को केलांग अस्पताल में उपचार के लिए दाखिल करवाया गया है।
तंजिन कारपा ने बताया कि करग्या से लाहौल पहुंचे मजदूरों ने साथी की मौत होने की बात कही है। बताया कि लगातार भूखे प्यासे रहने व ठंड में शिंकुला दर्रा पार करते साथी की मौत हो गई। वहीं, सीएमओ डीडी शर्मा ने बताया कि उपचार के दौरान पांच लोगों में गैंगरीन पाई गई। अन्य की आंखों में तकलीफ है, जिन्हें उपचार दिया जा रहा है।