शिमला। आईजीएमसी के रेडियोलॉजी विभाग इन दिनों अव्यवस्था के आलम से जूझ रहा है। अस्पताल में कई बार सीटी स्कैन की मशीन खराब रहती है तो कभी लाइट न होने की वजह से अस्पताल में करोड़ों रुपये की एमआरआई मशीन भी काम नहीं करती है।
सोमवार को भी अस्पताल में सीटी स्कैन और एमआरआई करवाने पहुंचे मरीजों के साथ यही परेशानी पेश आई। हुआ यूं कि रविवार को मेडिसन वार्ड में सफाई का कार्य चल रहा था। इस दौरान वार्ड में पानी के साथ सफाई की जा रही थी तो पानी को इकट्ठा करने के दौरान पानी दीवारों से रिसता हुआ धरातल मंजिल स्थित सीटी स्कैन मशीन और पैनलों पर जा गिरा। इसके कारण यहां पर शॉर्ट सर्किट होने लगे। यह बात जब विभागाध्यक्ष को पता चली तो तुरंत लाइट को बंद करवा दिया गया। आनन-फानन के कारण रविवार को भी किसी मरीज के सीटी स्कैन और एमआरआई नहीं किए गए। जबकि, दूसरी ओर सोमवार को भी कमोबेश यहीं स्थिति रही। मेडिसन और ईएनटी समेत रेडियोलॉजी में लाइट बंद थी। जबकि, दूसरी ओर टेस्ट करवाने आए मरीज चुपचाप लाइट के आने का इंतजार करते रहे। मरीजों के करीब दो से तीन घंटे बर्बाद हो गए। ऐसे में विभाग की अव्यवस्था का खामियाजा टेस्ट करवाने पहुंचे मरीजों को भुगतना पड़ा।
मशीन पर गिर गया था पानी
रेडियोलॉजी स्थित सीटी स्कैन मशीन पर पानी गिर गया था। इसके कारण मशीन काम नहीं कर पाई। हालांकि, दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई थी।
- डॉ. रमेश चंद, वरिष्ठ चिकित्सक अधीक्षक, आईजीएमसी
एमआरआई भी नहीं हुआ कई घंटों तक
शिमला। रेडियोलॉजी विभाग स्थित एमआरआई मशीन भी कई घंटों तक सोमवार को बंद रही। मशीन में तकनीकी खराबी बताई जा रही थी। बिलासुपर के अशोक ने बताया कि वह अपनी मां के इलाज के लिए यहां आया था, लेकिन दो घंटे से मशीन बंद है। पूछने पर बताया कि कुछ तकनीकी खराबी आई है। अभी इंजीनियर यहां आए हैं। वहीं, मंडी के ललित ने बताया कि उनके बेटे का एमआरआई होना था लेकिन नहीं हो पाया। मरीजों के तीमारदारों ने कहा कि लंबी डेट मिलने के बाद भी उन्हें अस्पताल में परेशान होना पड़ रहा है।
अस्पताल में मशीन के बार-बार हैंग होने के कारण अब केवल प्लेन सीटी स्कैन ही किए जा रहे हैं। हालांकि, दिक्कत यह है कि यह केवल गिने-चुने मरीजों के ही हो पा रहे हैं।