उन्होंने माना कि नई शिक्षक गैर शिक्षक भर्ती होने पर इस बार देनदारियां करोड़ों में बढ़ेगी, जिसके लिए सरकार से अनुदान बढ़ोतरी की मांग हर बार की तरह इस बार भी की जाएगी। हिमाचल प्रदेश विवि ने वित्त वर्ष 2019-20 में प्रदेश सरकार से 200 करोड़ के वार्षिक अनुदान की मांग की थी। इसकी एवज में राज्य के बजट में विवि को 115 करोड़ का अनुदान दिया गया, जबकि विवि के स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक 15 करोड़ का अनुदान और दिया गया था।
जिससे विवि को अपने बजट घाटे को पूरा करने में मदद मिली थी। विवि का पिछला बजट करीब 27 करोड़ के घाटे के साथ पारित किया गया था। सरकार से अतिरिक्त 15 करोड़ मिलने के बावजूद विवि का पिछला बजट घाटा करीब छह करोड़ भी इसी बार पूरा किया जाना है। इसलिए विवि को कम से कम दो से सवा दो सौ करोड़ तक की मांग कर सकता है।