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शिमला में दिखेगा अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन, लोगों में खासा उत्साह

Wed, 05 Feb 2020 05:54 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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space station - फोटो : सोशल मीडिया
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राजधानी शिमला से अंतरिक्ष में अंतरराष्ट्रीय स्पेस स्टेशन (आईएसएस) दौड़ता हुआ नजर आएगा। यह स्टेशन शिमला से 400 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में एक चमकीले तारे की तरह दिखेगा। यह पृथ्वी की परिक्रमा करता हुआ देखा जा सकेगा। यह स्पेस स्टेशन छह फरवरी से लेकर 11 फरवरी तक देखा जा सकेगा। सात फरवरी को शाम के वक्त यह दो बाद दिखेगा। विज्ञान के विद्यार्थी, पर्यटकों और शिमलावासियों में इसे देखने को खासा उत्साह है।   

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अमेरिका की अंतरिक्ष एजेंसी नासा ने शिमला में इस स्पेस स्टेशन को देखे जाने का शेड्यूल जारी किया है। छह फ रवरी को यह स्टेशन शाम सात बजकर 18 मिनट पर दो मिनट तक उत्तर- उत्तर-पश्चिम में 11 डिग्री से निकलता देखा जा सकेगा। यह उत्तर-उत्तर-पूर्व दिशा में छिपेगा। सात फरवरी को यह शाम छह बजकर 31 मिनट पर उत्तर दिशा से उगेगा और पूर्व दिशा में अस्त होगा और इसे पांच मिनट तक देखा जा सकेगा। सात फरवरी को यह दूसरी दफा आठ बजकर आठ मिनट पर पश्चिम-उत्तर-पश्चिम में 11 डिग्री पर नजर आएगा और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में ही एक मिनट बाद छिपेगा।

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space station - फोटो : सोशल मीडिया
आठ फरवरी को यह स्पेस स्टेशन सात बजकर 20 मिनट पर पश्मिोत्तर में निकलता दिखेगा। इसके बाद यह दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में 31 डिग्री पर छिप जाएगा। नौ फ रवरी को यह स्टेशन छह बजकर 32 मिनट से उत्तर-पश्चिम दिखना आरंभ होगा और इसे छह मिनट तक देख सकेंगे।

इसे पूर्व-दक्षिण-पूर्व में देखा जाएगा। 10 फरवरी को यह सात बजकर 24 मिनट पर दक्षिण-पश्चिम में 17 डिग्री पर दिखेगा। दो मिनट बाद दक्षिण-दक्षिण-पश्चिम में अस्त होगा। 11 फरवरी को यह छह बजकर 37 मिनट पर दक्षिण-पश्चिम में 32 डिग्री पर नजर आना शुरू होगा, जिसके बाद यह दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में तीन मिनट बाद दक्षिण-दक्षिण-पूर्व में अस्त होगा।   

पानी और आग पर कई शोध कार्य करेंगे वैज्ञानिक 
इस स्पेस स्टेशन में वर्तमान में एक्पेडिशन-61 के वैज्ञानिक हैं। यह स्पेस स्टेशन से आगामी दिनों में उतरकर पृथ्वी पर लौटेंगे। आगामी दिनों में एक नया एक्पेडिशन-62 इस स्पेस स्टेशन में शोध कार्यों के लिए रवाना हो रहा है। ये माइक्रो ग्रेविटी में अलग-अलग पदार्थों में आग पकड़ने पर शोध करेंगे। ये पानी की महीन बूंदों के निर्माण, जल प्रवाह और बौछारों के दबाव पर अध्ययन करेंगे। 

स्पेस स्टेशन में होंगे रूस और अमेरिका के छह वैज्ञानिक 
इस दल का नेतृत्व रूस के रॉसकोसमॉस के कमांडर नेविनोमिस्क करेंगे। रूस की अंतरिक्ष एजेंसी रॉसकॉसमॉस से इसमें दो अन्य फ्लाइट इंजीनियर एंद्रेई बागकिन, निकोलाई थिकॉनोव भी शामिल होंगे। नासा से फ्लाइट इंजीनियर एंड्रयू मॉरगन, क्रिस कैसिडी और महिला फ्लाइट इंजीनियर जेसिका मेयर भी इस दल में होंगे।
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