13050 फीट ऊंचा रोहतांग दर्रा शुक्रवार को शुरू हुई बर्फबारी के कारण फिर से बंद हो गया। इसके कारण केलांग से वापस आ रहे करीब पचास लोग भी फंस गए। इनमें बाहरी राज्यों के 20 पर्यटक भी बताए जा रहे हैं। इन पर्यटकों को निकालने के लिए बचाव दल ने रोहतांग की ओर कूच कर गया है।
इस बीच, प्रदेश के मैदानी और मध्यम ऊंचाई वाले अधिकतर क्षेत्रों में तेज हवाओं के बीच मूसलाधार बारिश हुई है। इससे कई जिलों में फसलें प्रभावित हुई है। कुल्लू जिला प्रशासन के अनुसार रोहतांग दर्रा में दोपहर 12 बजे शुरू हुई बर्फबारी में केलांग से आ रहे करीब 50 लोग फंस गए।
इनमें से 30 लोग स्थानीय थे जो पैदल मढ़ी तक पहुंच गए। इन लोगों ने ही रोहतांग में अन्य पर्यटकों के फंसे होने की सूचना प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही बचाव दल करीब एक दर्जन वाहनों में रोहतांग को ओर कूच कर गया।
इस दल में एसडीएम मनाली विनय धीमान, एसएचओ मनाली फिरोज खान, पलचान पंचायत के पूर्व प्रधान सुंदर ठाकुर समेत कई स्थानीय लोग भी रोहतांग में फंसे लोगों की मदद करने गए हैं। वहीं, ऊना और बिलासपुर में सुबह चली तेज आंधी से आम सहित अन्य फलदार पौधों को नुकसान पहुंचा है।
बिलासपुर में बिजली सेवा भी बाधित रही और बरमाणा में एक मकान पर पेड़ गिरने से नुकसान की सूचना है। उधर, मंडी जिले के धर्मपुर और सरकाघाट में तूफान से आम, लीची, आड़ू और पलम की फसल को भारी क्षति पहुंची है। बीबीएन में 11 नंबर फीडर पर चार घंटे बिजली बंद रही और दर्जन भर उद्योग भी बिजली न होने से घंटों बंद रहे।
इसके अलावा राजधानी शिमला में सुबह तेज हवाओं के बीच गरज के साथ बारिश हुई। केलांग, पालमपुर, डलहौजी, चंबा और मनाली में भी बारिश हुई है। बारिश से प्रदेश भर में तापमान में भी गिरावट आई है।
मौसम विभाग के शिमला केंद्र के निदेशक डॉ. मनमोहन सिंह ने बताया कि 24, 25 और 26 मई को ऊंचाई और मध्यम ऊंचाई वाले इलाकों में गरज के साथ बारिश की संभावना है।