जयराम सरकार के दो साल पूरे होने के उपलक्ष्य पर रिज पर आयोजित कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से लोग आएंगे। लोगों की सुविधा के लिए सरकार परिवहन निगम के हर डिपो से 20-20 बसें चलाएगी। एचआरटीसी के 23 डिपुओं से ये बसें विभिन्न क्षेत्रों से शिमला के लिए चलाई जाएंगी। कुल 460 बसें लगाए जाने की संभावना है। स्थानीय, ग्रामीण और शहरी रूटों से बसें नहीं हटाई जाएंगी।
बताया जा रहा है कि कुछेक लांग रूटों में जहां बसों की आवाजाही अधिक है, वहां से कट लग सकता है। खड़ी बसों को भी आयोजन के लिए चलाया जाएगा। डीसी के माध्यम से परिवहन निगम में बसों की डिमांड रखी जाएगी। बसों के भुगतान भी जिला उपायुक्त के माध्यम से आएंगे। एचआरटीसी के बेड़े में 3200 बसें हैं।
इनमें तीन हजार के करीब बसें सड़कों पर दौड़ रही हैं, जबकि कुछेक बसें स्पेयर रखी जाती हैं। बसें खराब होने की स्थिति में इन्हें भेजा जाता है, जबकि कई बसें निगम के बेड़े में खड़ी हैं। इन बसों को आयोजन के लिए भेजा जाना है। सरकारी कार्यक्रम होने के नाते प्रदेश सरकार की जितनी मांग होगी, उसे पूरा किया जाना है।
रूट नहीं होंगे प्रभावित
सरकारी कार्यक्रम है। जिला उपायुक्त के माध्यम से बसों की पेमेंट होती है। 27 दिसंबर को बसें भेजने के लिए रूट प्रभावित नहीं होंगे। परिवहन निगम इसी व्यवस्था में लगा है। रैली में सैकड़ों बसों की मांगें आती हैं, रूट प्रभावित नहीं होने दिए जाते हैं।
- एचके गुप्ता, मुख्य महाप्रबंधक, एचआरटीसी