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ओपीडी और दाखिल मरीजों को मुफ्त ड्रग शॉप में मिलेंगी दवाएं

Tue, 01 Jan 2019 01:41 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (आईजीएमसी) में मरीजों को अब सर्जिकल सामान बाहर से नहीं खरीदना पड़ेगा। अस्पताल प्रबंधन यह सारा सामान अपने नए स्टोर में ही उपलब्ध करवाएगा। सोमवार को विशेष सचिव स्वास्थ्य डॉ. निपुण जिंदल की अध्यक्षता में हुई कार्यकारी परिषद की बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अस्पताल परिसर में खुले जेनेरिक स्टोर का नाम बदलकर अब फ्री ड्रग शॉप रखा जाएगा।

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प्रबंधन का दावा है कि जेनेरिक स्टोर की जगह अपनी फ्री ड्रग शॉप (स्टोर) चलाएंगे। सभी दाखिल मरीजों और ओपीडी में उपचार के बाद दवा लेने आने वाले मरीजों को इस स्टोर से दवाएं मुहैया करवाई जाएंगी। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि डब्ल्यूएचओ की जीएमपी सर्टिफाइड जेनेरिक दवाएं ही मरीजों को उपलब्ध करवाई जाएगी।

मरीजों को मिलेंगी ब्रांडेड दवाएं
अस्पताल में जो दवाएं मरीजों को मिलेंगी वह ब्रांडेड कंपनियों की होगी। लेकिन मरीजों को मुफ्त में दी जाएगी। इससे पूर्व में एचएलएल द्वारा जो दवाएं खरीद कर मुफ्त जेनेरिक स्टोर में भेजी जा रही थी, उसकी गुणवत्ता सही नहीं थी। इसके चलते प्रबंधन और सरकार को दवाओं की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिल रही थी। अब सरकार ने फैसला लिया है कि प्रबंधन स्वयं दवाओं की खरीदारी करेगा ताकि अस्पताल में आने वाली सभी प्रकार की दवाइयों की गुणवत्ता और खरीद की जानकारी रह सके।
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बैठक में आईजीएमसी कालेज प्राचार्य डॉ. रविचंद शर्मा, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक राज, डॉ. राहुल गुप्ता, डॉ. साद रिजवी, नर्सिंग अधीक्षक कमला शुक्ला, कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष सुखदेव वर्मा, संयुक्त निदेशक संजीव सूद और सेमीडिकोट के अध्यक्ष डॉ. मिन्हास भी मौजूद रहे।

अब फ्री ड्रग शॉप में मिलेंगी दवाएं
मुफ्त जेनेरिक स्टोर का नाम बदलकर फ्री ड्रग शॉप किया जाएगा। इस स्टोर पर ओपीडी और दाखिल दोनों मरीजों को मुफ्त दवाएं दी जाएगी। सरकार की ओर से यह निर्णय लिया गया है जिससे कि मरीजों को सहूलियत मिल सके।
डॉ. राहुल गुप्ता, चिकित्सक आईजीएमसी

पहले सिर्फ ओपीडी मरीजों को मिलती थी दवाईयां
आईजीएमसी में साल 2015 के अंत में खुले मुफ्त जेनेरिक स्टोर में सिर्फ ओपीडी मरीजों को ही दवाईयां दी जाती थीं। दाखिल मरीजों को यह सुविधा नहीं थी। लेकिन अब प्रबंधन के अपने स्टोर से दोनों तरह के मरीजों को मुफ्त दवाएं मिलने से सैकड़ों लोगों को लाभ होगा।

जेनेरिक स्टोर को बंद करने की वजह
अस्पताल में एचएलएल द्वारा जो दवाईयां खरीदकर निशुल्क जेनेरिक स्टोर में भेजी जाती थीं उसकी गुणवत्ता सही नहीं थी। इसी के चलते अब सरकार ने इसकी जगह अपने स्टोर से ही मरीजों को दवाएं देने का निर्णय लिया है। अस्पताल में खुले इस निशुल्क जनरल स्टोर का काफी समय पहले एमओयू भी समाप्त हो चुका है।

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