अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। आईजीएमसी में इलाज करवाने आने वाले मरीजों की पर्चियां आज से ओपीडी के बाहर बने काउंटरों पर बनाई जाएंगी। पर्चियों के बनने के बाद मरीजों को जनरल काउंटर पर लंबी लाइनों में खड़े नहीं रहना होगा। सर्जरी, ईएनटी, मेडिसन, नेत्ररोग, चर्मरोग विभाग के पास बने काउंटरों पर ही मरीजों की पर्चियां सीधे बन जाएंगी। प्रबंधन की ओर से बाकायदा मरीजों की पर्चियां बनाने के लिए निर्देश काउंटरों पर बैठने वाले कर्मियों को जारी कर दिए हैं।
अब तक आईजीएमसी के इमरजेंसी के बाहर बने जनरल काउंटर पर ही पर्चियां बनाने की सुविधा दी थी। अस्पताल में रोजाना औसतन तीन हजार से अधिक की पर्चियां इन्हीं काउंटरों पर बैठे कर्मियों के कंधों पर थी। जबकि बाकी के काउंटरों पर अगर कोई जागरूक मरीज पर्ची बनाने आता था तो उन्हें काउंटर पर पर्ची न बनने का बहाना बनाकर नीचे काउंटर पर भेज दिया जाता था। इस कारण मरीज को दोबारा से लंबी लाइनों में लगना पड़ता था। हालांकि प्रबंधन की ओर से यह व्यवस्था सोमवार से शुरू कर दी है, लेकिन छुट्टी होने के कारण ओपीडी के काउंटर बंद रहे।
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ओपीडी के बाहर बने काउंटरों पर बनेगी पर्ची
सभी ओपीडी के बाहर बने काउंटरों पर पर्चियां बनाने के निर्देश जारी किए है। ऐसा न किया गया तो संबंधित कर्मी पर उचित कार्रवाई की जाएंगी।
- डॉ. जनक राज, वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक, आईजीएमसी
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डिस्चार्ज और सैंपल आदि की होती थी पेमेंट
वार्ड के डिस्चार्ज और सैंपल भरने के बाद पेमेंट जैसे कार्य इन काउंटर पर किए जाते थे। वहीं यह कर्मी भी इन्हीं कार्यों तक सीमित थे। लेकिन अब अपनी ओपीडी की पर्ची बनाने और अपने ओपीडी डे पर सीधे डॉक्टर को दिखाने आने वाले मरीजों को ओपीडी में पर्ची बनने और जनरल काउंटर की भीड़ में घंटों खड़े रहने से छुटकारा मिलेगा।
डॉक्टर का नहीं है पता तो वह ही जनरल काउंटर पर आएगा
जो व्यक्ति पहली दफा अस्पताल में इलाज करवाने आया है और उसे यह पता नहीं कि किसके पास जाना है तो वह मरीज ही जनरल काउंटर पर आएगा। काउंटर पर बैठे कर्मी संबंधित विभाग की पर्ची बनाकर मरीज को ओपीडी भेज देंगे।
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सुमित ठाकुर