इराक की स्पोर्टस् सिटी वसरा में अब्दुल्ला अलजमूरी नामक कंपनी में लगभग 185 भारतीय फंसे हुए हैं। इनमें से कांगड़ा जिला के नूरपुर तहसील के दो युवक और एक मंडी जिले के सुंदरनगर का निवासी है। ये सभी रोजी रोटी की तलाश के लिए इराक गए थे। उपमंडल नूरपुर के गांव हगवाल का युवक अजय कुमार पुत्र बलदेव राज भी करीब ढाई साल पहले इस कंपनी में काम करने के लिए इराक गया था।
अजय कुमार के भाई राज कुमार के अनुसार उसके भाई अजय सहित 185 भारतीय कामगारों के पासपोर्ट कंपनी उन्हें वापस नहीं कर रही है। इस कारण उनमें से कोई भी भारत अपने घर वापस नहीं आ पा रहा है। गनीमत यही है कि इन लोगों की घर वालों से फोन पर बात हो रही है। राजकुमार के अनुसार उसके भाई ने फोन पर बताया कि इनमें से कई युवकों को पिछले कई महीनों से मेहनताने का भुगतान कंपनी ने नहीं किया है।
उनका कहना है कि कंपनी में कार्यरत सभी भारतीय युवक बंधुआ मजदूर की जिंदगी जीने को मजबूर हैं। वहीं, इराक के वर्तमान हालात ने भी इन युवकों के परिजनों की परेशानी को कई गुणा बढ़ा दिया है। इराक में फं से अजय कुमार के पिता बलदेव राज का कहना है कि उन्हें हर वक्त अपने बेटे की चिंता सताती रहती है। अजय कुमार की पत्नी अपने दो छोटे बच्चों के साथ हर दम अपने पति के आने की राह ताक रही है।
अजय कुमार के परिजनों ने हिमाचल तथा भारत सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग की है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख कर अजय कुमार तथा उसके अन्य साथियों को शीघ्र उक्त कंपनी के चंगुल से छुड़ाने की मांग की है।